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नेतरहाट आवासीय विद्यालय के मामले में हाईकोर्ट द्वारा एडहॉक समिति गठित करने का केस पहुंचा SC

Ranchi: नेतरहाट आवासीय विद्यालय के बेहतर प्रबंधन और सुधार के लिए हाईकोर्ट द्वारा एडहॉक जनरल बॉडी और कार्यकारिणी समिति के गठन करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है. सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
 
  • सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका SLP दाखिल कर हाईकोर्ट के आदेश को दी गई चुनौती

Ranchi: नेतरहाट आवासीय विद्यालय के बेहतर प्रबंधन और सुधार के लिए हाईकोर्ट द्वारा एडहॉक जनरल बॉडी और कार्यकारिणी समिति के गठन करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है. सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. मामले में दायर केदारनाथ लाल दास की जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने इसकी जानकारी हाईकोर्ट को दी.


सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के 11 दिसंबर 2025 के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की गई है. इसलिए समय दिया जाए. वहीं याचिकाकर्ता ने इसका विरोध किया. 


उन्होंने दलील दी कि हाईकोर्ट के आदेश का अब तक पालन नहीं हुआ है और सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दाखिल SLP भी अभी आपत्तियों के अधीन है. ऐसे में केवल SLP का हवाला देकर राज्य सरकार द्वारा कोर्ट के आदेश की अवहेलना की जा रही है और मामले में सुनवाई टालना उचित नहीं है. 


सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी निर्धारित की. हालांकि मामले में पिछले सुनवाई के दौरान दो हस्तक्षेप याचिका (I.A ) दाखिल की गई थी. लेकिन खंडपीठ ने विचार करते हुए 11 दिसंबर 2025 को अपने पारित आदेश में किसी प्रकार के संशोधन या स्पष्टीकरण की आवश्यकता नहीं पाई थी. कोर्ट ने दोनों अंतरिम आवेदनों को खारिज कर दिया था.

 

क्या था हाईकोर्ट का आदेश

 

हाईकोर्ट ने 11 दिसंबर 2025 के अपने आदेश में नेतरहाट आवासीय विद्यालय की वर्तमान समिति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अस्थायी (एडहॉक) समिति गठित की थी, जिसमें राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षा विशेषज्ञ, पूर्व शिक्षक और पूर्व छात्र शामिल किए गए हैं. यह समिति नई स्थायी समिति के गठन तक कार्य करेगी. 


हाईकोर्ट ने माना था कि नेतरहाट स्कूल की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था में लगातार गिरावट आई है, जिसे नकारा नहीं जा सकता. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि विद्यालय को व्यापक सुधार की आवश्यकता है और यह मामला केवल आपसी विवाद का नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ा है.

 

क्या कहा था याचिकाकर्ता ने

 

याचिकाकर्ता ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय प्रबंधन, नियुक्तियों और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए थे. याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि नेतरहाट विद्यालय, जो कभी झारखंड की शान और ‘गुरुकुल परंपरा’ का प्रतीक था, अब कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण अपनी पहचान खो रहा है.

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