Ranchi: हजारीबाग एवं बोकारो सहित झारखंड के कई जिलों में ट्रेजरी से अवैध निकासी का मामला झारखंड हाईकोर्ट पहुंचा है. हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर इस पूरे प्रकरण की सीबीआई और ईडी से जांच करने का आग्रह किया गया है. साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. प्रार्थी दानियल दानिश की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार और अधिवक्ता नितेश्वरी कुमारी ने यह जनहित याचिका दाखिल की है.
प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि झारखंड के जिलों में कर्मियों के सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके वेतन की निकासी का खेल चल रहा है. इस फर्जीवाड़ा में शामिल लोग अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के खाते में सेवानिवृत्त कर्मियों के वेतन का पैसा मंगा रहे हैं.
इसी तरह राज्य के जिलों के पुलिस लाइन में भी कांस्टेबल और हवलदार का टीए/ डीए का फर्जी बिल बनाकर ट्रेजरी से फर्जी तरीके से रुपए की निकासी हो रही है। जिलों में नियुक्त बाल पुलिस की संख्या में बढ़ोतरी कर उनके वेतन की राशि फर्जीवाड़ा में शामिल लोग अपने रिश्तेदारों के अकाउंट में भेज रहे हैं. यह सब सोची समझी साजिश के तहत हो रहा है.
बता दें कि हजारीबाग ट्रेजरी से तथाकथित 15 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी और बोकारो में भी तथाकथित 4.29 करोड़ की निकासी का मामला सामने आया है. अभी तक के जांच में यह बात सामने आ रही है कि यह गड़बड़ी लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से की जा रही थी, जिसमें कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका है. फर्जी बिल, गलत दस्तावेज का सहारा लेकर यह रकम निकाली गई.
दरअसल, मामला तब उजागर हुआ जब वित्तीय ऑडिट में संदिग्ध लेन-देन सामने आया. जांच के दायरे में कई कर्मचारी और अधिकारी आ गए हैं. इधर, बोकारो में भी 4.29 करोड़ की निकासी का मामला सामने आया है. जिसमें झारखंड पुलिस के एक अकाउंटेंट ने बोकारो जिले में कोषागार के वेतन वितरण खाते से कथित तौर पर 4.29 करोड़ रुपये निकाल लिए. उधर, सरकार ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.
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