- मुख्य आरोपी का गुजरात में होगा नार्को टेस्ट
- मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी हुए कोर्ट में हाजिर
Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट में गुमला से वर्ष 2018 से लापता बच्ची के मामले में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की मुख्य आरोपी मुख्य आरोपी के नार्को टेस्ट की अनुमति सीजेएम, गुमला की अदालत से 17 जून को मिल चुकी है. गुजरात में उसका नार्को टेस्ट होगा.
सीजेएम कोर्ट ने मुख्य आरोपी के नार्को टेस्ट को लेकर पुलिस प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं. सुनवाई के दौरान मामले के अनुसंधानकर्ता (IO) हाजिर हुए. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई निर्धारित की.
हालांकि इसके पहले हाईकोर्ट के 12 मई 2026 के एक आदेश के संशोधन को लेकर सरकार की ओर से हस्तक्षेप याचिका (IA) दाखिल की गई थी. जिस पर कोर्ट ने कहा कि जब इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने एसएलपी दाखिल की थी और वहां से इसे वापस लिया गया था, तो फिर हाईकोर्ट में संशोधन पिटीशन दाखिल करने का क्या औचित्य है.
इसके बाद कोर्ट में दोपहर 2:15 बजे मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को तलब किया, इसके बाद यह तीनों कोर्ट में हाजिर हुए. कोर्ट ने तीनों अधिकारियों से जवाब तलब किया. कोर्ट ने आदेश के संशोधन को लेकर दायर सरकार की हस्तक्षेप याचिका खारिज कर दी.
दरअसल, सितंबर 2018 से गुमशुदा गुमला की 6 वर्षीय बच्ची को बरामद करने को लेकर उसकी मां चंद्रमुनि उराइन की ओर से दायर हेवियस कार्पस की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट कर रही है.
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