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सरयू राय से जुड़ा गोपनीय दस्तावेज लीक मामला  : स्वास्थ्य विभाग के कर्मी को आरोपी बनाने की कोर्ट ने दी अनुमति

कोर्ट-कचहरी की खबरें
  • विधायक सरयू राय पर डोरंडा थाना में दर्ज हुई थी FIR

Ranchi :  विधायक सरयू राय पर गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोप से संबंधित मामले की सुनवाई एमपी/ एमएलए की विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई.  मामले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी शंभू सिंह को आरोपी बनाए जाने के अभियोजन के पिटीशन पर कोर्ट ने आदेश सुनाया है. 

 

कोर्ट ने शंभू सिंह को आरोपी बनाने की अनुमति दे दी है. साथ ही उसे समन जारी करने का निर्देश भी दिया है. उसकी कोर्ट में उपस्थिति के लिए 5 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है.

 

दरअसल अभियोजन पक्ष की ओर से  स्वास्थ्य विभाग के कर्मी शंभू सिंह को आरोपी बनाने को लेकर सीआरपीसी की धारा 319 के तहत पिटीशन दाखिल की गई है.  इस पिटीशन में अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि मामले के करीब चार गवाह ने लीक होने वाले दस्तावेज की तस्वीर शंभू सिंह को खींचते देखने का दावा किया है. ऐसे में उसे आरोपी बनाया जाना जरूरी है, ताकि तथ्य सामने आ सके.

 

फिलहाल इस मामले की सुनवाई एमपी/एमएलए की विशेष अदालत में ट्रायल के चरण में है. अब तक अनुसंधानकर्ता समेत 12 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है.

 

2022 में दर्ज हुई थी एफआईआर

यह मामला मई 2022 का है. स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन अवर सचिव की शिकायत पर डोरंडा थाना में विधायक सरयू राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. आरोप था कि स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की गोपनीय संचिका के पन्ने आपराधिक साजिश के तहत हासिल किए गए और उन्हें सार्वजनिक किया गया.

 

जांच पूरी होने के करीब ढाई साल बाद अनुसंधान पदाधिकारी सह सब-इंस्पेक्टर नागेश श्रीवास्तव ने आरोपों को सही मानते हुए अदालत में भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) और गोपनीय दस्तावेज लीक से संबंधित प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दाखिल किया थाय इस आरोप पत्र में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आप्त सचिव आसिफ एकराम समेत छह लोगों को गवाह बनाया गया है. 

 

 क्या है पूरा मामला?

विधायक सरयू राय ने कथित तौर पर स्वास्थ्य विभाग के गोपनीय दस्तावेजों के आधार पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोरोना काल में कोविड प्रोत्साहन राशि के कथित दुरुपयोग का मामला उठाया था. उन्होंने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर पद का दुरुपयोग कर स्वयं और स्वास्थ्य विभाग के करीब 60 कर्मचारियों को कोविड प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराने का आरोप लगाया था.

 

इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने गोपनीय दस्तावेज लीक होने का आरोप लगाते हुए सरयू राय के खिलाफ डोरंडा थाना में मामला दर्ज कराया था. 

 

 

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