Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का काफिला रोकने के मामले में हिंदुत्ववादी नेता भैरव सिंह को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. अपर न्याययुक्त अखिलेश कुमार तिवारी की कोर्ट ने फैसला सुनाया है.
क्या है मामला
दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिला रोकने की घटना 4 जनवरी 2021 को किशोरगंज चौक पर हुई थी. भैरव सिंह के खिलाफ सुखदेव नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मामले में 7 जनवरी 2021 को भैरव सिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया था.
ओरमांझी में एक युवती की हत्या को लेकर 4 जनवरी 2021 की शाम प्रदर्शन किया जा रहा था. उसी दौरान किशोरगंज चौक से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का काफिला गुजर रहा था. तभी उग्र प्रदर्शनकरियों ने मुख्यमंत्री का काफिला को रोककर हंगामा किया गया था. 3 जनवरी को ओरमांझी के जंगलसे एक युवती की सिरकटी शव बरामद की गई थी. जिसके बाद से पुलिस युवती की शव की पहचान और आरोपी तक पहुंचने के लिए सिर की तलाश कर रही थी.
हत्या को लेकर लोगो में आक्रोश था. युवती की सिरकटी शव बरामद होने के 9 दिन बाद युवती का सिर घटना स्थल से 12 किमी दूर चंदवे गांव से बरामद हुआ था. जिसके बाद युवती की पहचान सूफिया परवीन के रूप में हुई थी. युवती की पहचान होने के बाद सूफिया के पहले पति शेख बेलाल और उनकी दूसरी पत्नी अफसाना खातून को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. मामले में दोनों आरोपी पति पत्नी को कोर्ट ने अंतिम सांस तक जेल में बिताने की सजा सुनाई है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment