Ranchi News : झारखंड में 25 अगस्त से 8 सितंबर तक 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाएगा. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से इसके लिए सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. अभियान का मकसद लोगों को नेत्रदान के लिए जागरूक करना और इससे जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करना है.
युवाओं में बढ़ रहा कॉर्निया से जुड़ा अंधापन
विभाग के अनुसार, देश में अंधेपन के मामलों में कॉर्निया से जुड़ा अंधापन भी एक बड़ी वजह है. इसका असर खासकर युवाओं पर पड़ रहा है. झारखंड में हर साल ऐसे मामलों की संख्या करीब 20 हजार बढ़ रही है. इसके मुकाबले राज्य में पिछले साल सिर्फ 148 नेत्रदान या प्रत्यारोपण हो सके. इसी वजह से इस बार नेत्रदान को लेकर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है.
तीन मेडिकल कॉलेजों में नेत्र बैंक
झारखंड के तीन प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में नेत्र बैंक की सुविधा उपलब्ध है. इनमें रिम्स रांची, एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद शामिल हैं. इन केंद्रों के जरिए नेत्रदान और कॉर्निया प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है.
स्कूल-कॉलेजों में होंगे कार्यक्रम
पखवाड़े के दौरान जिलों में पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे. रेडियो और टीवी के जरिए भी लोगों को नेत्रदान की जानकारी दी जाएगी. स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए रैली और रेस का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा संगोष्ठी और जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे. गांव और प्रखंड स्तर पर सोशल मीडिया के जरिए भी अभियान चलाया जाएगा. इस काम में गैर सरकारी संस्थाओं की मदद भी ली जाएगी.
हर जिले को 20 हजार रुपये
नेत्रदान पखवाड़े के लिए हर जिले को 20 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए रांची जिले को एक लाख रुपये देने का प्रस्ताव है.
रिम्स के सरकारी नेत्र बैंक के लिए 1.60 लाख रुपये, जबकि एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद के नेत्र कोष के लिए 50-50 हजार रुपये देने का प्रस्ताव है.
सभी जिलों को अभियान की पूरी रिपोर्ट और कार्यक्रमों की तस्वीरें 30 सितंबर तक राज्य अंधापन नियंत्रण मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है. इसके आधार पर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

