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CBSE बोर्ड- 10वीं के बच्चे अब इस आधार पर होंगे प्रमोट, जानें क्या होगा क्राइटेरिया

 

New Delhi : केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार को सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अहम निर्णय लिया है. बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा को रद्द कर दी गयी है. जबकि 12वीं की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है. बताया गया है कि स्थिति सामान्य होने के बाद 12वीं की परीक्षा जून महीने में आयोजित की जायेगी.

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 10वीं के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट के साथ प्रमोट किया जायेगा. उन्होंने कहा कि यदि छात्र आंतरिक मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं होता, तो वह कोविड-19 की स्थिति में सुधार आने के बाद 10वीं परीक्षा के लिए उपस्थित हो सकते हैं.

10वीं के रिजल्ट के लिए क्राइटेरिया विकसित होगा

शिक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं का परिणाम तैयार करने के लिए एक मानदंड (क्राइटेरिया) विकसित किया जायेगा. इस मानदंड में निर्धारित क्राइटेरिया के आधार पर विद्यार्थियों के रिजल्ट तैयार किये जायेंगे. मंत्रालय ने कहा है कि 12वीं की परीक्षाएं बाद में ली जायेंगी. इसके लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा 1 जून को स्थिति की समीक्षा करने के बाद फैसला लिया जायेगा.

परीक्षा आयोजित कराने का फैसला हुआ, तो छात्रों को 15 दिन का वक्त मिलेगा. यानी परीक्षा 15 जून के बाद ही होगी. ऑनलाइन परीक्षा से जुड़े एक सवाल पर शिक्षा मंत्रालय से जुड़े एक वरीय अधिकारी ने बताया कि इतने कम समय में 12वीं के ऑनलाइन एग्जाम लेना संभव नहीं है. छात्रों के सामने खुद को ऑनलाइन पैटर्न के लिए तैयार करना भी तत्काल संभव नहीं है. ऐसे में ऑनलाइन परीक्षाएं लेना और इन्हें रद्द करने जैसे विकल्प संभव नहीं थे.

परीक्षाओं को टालने की मांग हो रही थी

4 मई से सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षा होनी थी. कई सेलेब्रिटी, नेताओं और राज्य सरकारों ने भी इन परीक्षाओं को टालने की मांग की थी. ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर इन परीक्षाओं को टालने की मांग की थी. छात्रों ने भी सोशल मीडिया पर #CancelBoardExam2021 कैंपेन चला रखा था. इसमें करीब 35.81 लाख विद्यार्थी शामिल होने वाले थे. इनमें 12वीं के 14 लाख से अधिक और 10वीं के 21.50 लाख बच्चे शामिल थे.

पिछले साल भी बचे हुए पेपर रद्द हुए थे

पिछले साल कोरोना के कारण सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं के कुछ परचे बाकी रह गये थे. उस समय 1 से 15 जुलाई के बीच होने वाले सभी पेपर रद्द कर दिये गये थे.

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