Search

 
 
 

CBSE ने बदले 9वीं-10वीं के नियम, अब फेल होने पर भी बदल सकेंगे गणित-विज्ञान जैसे विषय

Lagatar desk : नई व्यवस्था वर्तमान कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों पर लागू होगी, जो अगले सत्र में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे. वहीं, सत्र 2026-27 में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी.
 
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

Lagatar desk : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए नई अध्ययन योजना (Scheme of Studies) जारी की है. बोर्ड ने सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं और सत्र 2027-28 में कक्षा 10वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम संरचना, विषय चयन, मूल्यांकन और उत्तीर्ण होने के नियमों में बदलाव किए हैं.

 

 

नई व्यवस्था वर्तमान कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों पर लागू होगी, जो अगले सत्र में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे. वहीं, सत्र 2026-27 में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी.

 

9 विषय पढ़ना अनिवार्य

 

नई अध्ययन योजना के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को कुल नौ अनिवार्य विषय पढ़ने होंगे. इनमें तीन भाषाएं, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा व कल्याण और व्यावसायिक शिक्षा शामिल हैं. इसके अतिरिक्त विद्यार्थी बोर्ड की सूची में शामिल 57 ऐच्छिक विषयों में से एक विषय चुन सकेंगे.

 तीन भाषाओं को Language R1, R2 और R3 के रूप में निर्धारित किया गया है. वहीं, व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य बनाया गया है. इसके लिए विद्यार्थियों को दो विकल्प दिए गए हैं.

 

व्यावसायिक शिक्षा में दो विकल्प

 

पहला विकल्प कौशल विकास (Kaushal Vikas) है. इसका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर होगा. इसके लिए बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी.दूसरा विकल्प 22 बोर्ड स्किल विषयों में से किसी एक का चयन करना है. इसमें सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस जैसे विषय शामिल हैं. इन विषयों की कक्षा 10वीं में बोर्ड परीक्षा होगी. सफल विद्यार्थियों को NSQF प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा.

 

पांच विषयों की होगी बोर्ड परीक्षा

 

कक्षा 10वीं में पांच मुख्य विषयों Language R1, Language R2, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की बोर्ड परीक्षा अनिवार्य होगी. वहीं, तीसरी भाषा, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा व कल्याण और कौशल विकास का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा.कला शिक्षा और शारीरिक शिक्षा व कल्याण में अंकों के बजाय A1 से E तक ग्रेड दिए जाएंगे.

 

पास होने के लिए 33 प्रतिशत अंक जरूरी

 

बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए विद्यार्थियों को पांच मुख्य विषयों में से प्रत्येक में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे. इसमें बोर्ड परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को मिलाकर देखा जाएगा.

 

फेल होने पर विषय बदलने का मिलेगा विकल्प

 

नई व्यवस्था में विषय के बदलाव का भी प्रावधान किया गया है. यदि कोई विद्यार्थी गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय में असफल होता है और उसने 22 बोर्ड स्किल विषयों में से कोई विषय लिया है, तो उस स्किल विषय के अंकों के आधार पर असफल विषय का बदलाव किया जा सकता है. हालांकि, कौशल विकास विकल्प चुनने वाले विद्यार्थियों को यह सुविधा नहीं मिलेगी.

 

इसी तरह, मुख्य भाषाओं R1 या R2 में असफल होने पर अतिरिक्त ऐच्छिक भाषा विषय के उत्तीर्ण होने की स्थिति में उसे प्रतिस्थापन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

 

विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को राहत

 

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) के लिए विषय चयन में विशेष छूट दी गई है. ऐसे विद्यार्थियों को केवल एक अनिवार्य भाषा की बोर्ड परीक्षा देनी होगी. शेष चार विषयों का चयन गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संगीत, चित्रकला, गृह विज्ञान, बिजनेस एलिमेंट्स और निर्धारित स्किल विषयों में से किया जा सकेगा. ऑटोमोटिव विषय को छोड़कर अधिकतम दो स्किल विषय चुनने की अनुमति होगी.

 

इन विषयों को किया गया बाहर

 

नई योजना के तहत कक्षा 9वीं (2026-27) में 'Individuals in Society' और 'Modules of CT & AI' विषय शामिल नहीं होंगे. वहीं, कक्षा 10वीं (2027-28) में 'Environmental Education' को पाठ्यक्रम से बाहर रखा गया है.

 

बोर्ड की अकादमिक निदेशक डॉ. प्रज्ञा एम. सिंह ने सर्कुलर जारी करते हुए कहा कि CBSE की नई अध्ययन योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ कौशल आधारित और व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ना है. इससे विद्यार्थियों को विषय चयन के अधिक विकल्प मिलेंगे और भविष्य में उच्च शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल विकसित करने में भी मदद मिलेगी.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही