New Delhi: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (झारखंड) ने अपने आधिकारिक फेसबुक हैंडल पर एक पोस्ट साझा कर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की उत्तरपुस्तिकाओं के डिजिटलीकरण (स्कैनिंग) की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
कांग्रेस ने कुछ तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया है कि CBSE द्वारा उत्तरपुस्तिकाओं को स्कैनर से स्कैन किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन साझा तस्वीरों से प्रतीत होता है कि कुछ स्थानों पर मोबाइल फोन के माध्यम से उत्तरपुस्तिकाओं की तस्वीरें लेकर उन्हें अपलोड किया जा रहा है.
पोस्ट में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि तस्वीरों में कई तकनीकी खामियां दिखाई दे रही हैं. पार्टी के अनुसार कुछ उत्तरपुस्तिकाएं मुड़ी हुई नजर आ रही हैं, कुछ पन्नों पर छाया दिखाई दे रही है और कई पन्ने समतल स्थिति में नहीं हैं, जिससे स्कैनिंग की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते हैं.
कांग्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा है कि CBSE वालों का कारनामा देख लीजिए. वो देश के छात्रों को बताते हैं कि उनकी कॉपी स्कैनर से स्कैन की जाती हैं. मगर ये तस्वीरें सबूत हैं कि लोगों को मोबाइल थमाकर उनसे छात्रों की कॉपियों की फोटो खींचकर अपलोड कर देने को कह दिया गया
तस्वीरों को ध्यान से देखने पर समझ आता है कि कहीं कॉपी मुड़ी हुई है, कहीं पन्नों की परछाई है, तो कहीं पन्ने फ्लैट नहीं हैं.हद तो इस बात की भी है कि CBSE बोर्ड के लाखों छात्रों की कॉपी कोई भी एक्सेस कर सकता है, यानी डेटा सिक्योरिटी भी ZERO है. आखिर ये कैसी स्कैनिंग है, जहां खामियां भरी पड़ी हैं और COEMPT ने छात्रों की कॉपी स्कैन करने के लिए किस तरह के स्कैनर्स का इस्तेमाल किया?
साफ है- मोदी सरकार ने COEMPT जैसी भ्रष्ट कंपनी को फायदा पहुंचाने और भ्रष्टाचार से पैसा बनाने के लिए छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया. मोदी सरकार और उनके नाकारा मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, उन्हें इस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है.
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