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CBSE ने बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने के लिए निर्धारित की नई शर्तें

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक नोटिस जारी करते हुए बोर्ड परीक्षाओं (कक्षा 10वीं और 12वीं) में सम्मिलित होने के लिए कुछ आवश्यक शर्तों की घोषणा की है. यह नोटिस देशभर के छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों के लिए जारी किया गया है.
 

Ranchi: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक नोटिस जारी करते हुए बोर्ड परीक्षाओं (कक्षा 10वीं और 12वीं) में सम्मिलित होने के लिए कुछ आवश्यक शर्तों की घोषणा की है. यह नोटिस देशभर के छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों के लिए जारी किया गया है.

 

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत दो राष्ट्रीय स्कूल बोर्ड कार्यरत हैं — CBSE और NIOS. जहां CBSE नियमित (फेस-टू-फेस) शिक्षण पद्धति से शिक्षा प्रदान करता है. वहीं NIOS ओपन और डिस्टेंस एजुकेशन मोड के माध्यम से कार्य करता है.

 

CBSE की प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं

दो वर्षीय कार्यक्रम
कक्षा 9-10 और कक्षा 11-12 को दो वर्ष का संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम माना जाता है. छात्र को परीक्षा में शामिल होने के लिए इन दोनों वर्षों में संबंधित विषय पढ़ना अनिवार्य है.

75% उपस्थिति अनिवार्य
बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र की न्यूनतम 75% उपस्थिति आवश्यक है.

आंतरिक मूल्यांकन अनिवार्य
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुसार सभी विषयों में दो वर्ष का आंतरिक मूल्यांकन आवश्यक है. बिना नियमित उपस्थिति के यह मूल्यांकन संभव नहीं है जिससे छात्र का परिणाम घोषित नहीं किया जा सकेगा और ऐसे छात्रों को 'Essential Repeat' श्रेणी में रखा जाएगा.

 

अतिरिक्त विषयों का अध्ययन

  • कक्षा 10 में छात्र 5 अनिवार्य विषयों के अतिरिक्त 2 विषय ले सकते हैं.
  • कक्षा 12 में केवल 1 अतिरिक्त विषय की अनुमति है.
  • सभी अतिरिक्त विषयों का अध्ययन भी दो वर्षों तक करना अनिवार्य है.

मान्यता प्राप्त विषय ही मान्य
यदि किसी स्कूल ने CBSE से किसी विषय को पढ़ाने की अनुमति नहीं ली है और वहां उपयुक्त शिक्षक या प्रयोगशालाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो उस स्कूल के छात्र उस विषय को मुख्य या अतिरिक्त विषय के रूप में नहीं ले सकते.

पुरानी श्रेणियों के छात्र
यदि कोई नियमित छात्र किसी अतिरिक्त विषय में पूर्व वर्षों में 'कंपार्टमेंट' या 'Essential Repeat' श्रेणी में रखा गया है, तो वह निजी छात्र के रूप में पुनः परीक्षा दे सकता है.

निजी छात्रों की सीमाएं
जो छात्र ऊपर दी गई शर्तों को पूरा नहीं करते, वे बोर्ड परीक्षाओं में निजी उम्मीदवार के रूप में अतिरिक्त विषयों की परीक्षा नहीं दे सकते.

CBSE ने स्पष्ट किया है कि यह दिशा-निर्देश सभी हितधारकों के लिए सूचना के रूप में जारी किए गए हैं ताकि बोर्ड परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके.

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