Search

 
 
 

झारखंड के 25 साल की विकास यात्रा में सीसीएल का बड़ा योगदान

झारखंड के गठन के 25 साल पूरे हो रहे हैं. इन सालों में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने राज्य के विकास में बड़ी भूमिका निभाई है. सीसीएल न सिर्फ कोयला निकालती है, बल्कि लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में भी मदद करती है.
 

Ranchi : झारखंड के गठन के 25 साल पूरे हो रहे हैं. इन सालों में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने राज्य के विकास में बड़ी भूमिका निभाई है. सीसीएल न सिर्फ कोयला निकालती है, बल्कि लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में भी मदद करती है.

 

सीसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड की कंपनी है और झारखंड की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक इकाई है. यह हर साल राज्य को बड़ा राजस्व देती है और समाज के लिए कई काम करती है.

 

शिक्षा के लिए काम

  • सीसीएल का मानना है कि बच्चों और युवाओं की पढ़ाई सबसे जरूरी है.
  • रांची विश्वविद्यालय में 65 करोड़ रुपये की लागत से 5000 सीटों वाली बड़ी लाइब्रेरी बनाई जा रही है.
  • “डिजिटल विद्या प्रोजेक्ट” के तहत झारखंड के 8 जिलों के 193 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब बनाए गए हैं.
  • “सीसीएल के लाल” और “सीसीएल की लाडली” योजनाओं के तहत गरीब लेकिन मेधावी बच्चों को निःशुल्क पढ़ाई और IIT-NIT की तैयारी के लिए कोचिंग दी जाती है. सैकड़ों बच्चे अब तक बड़ी संस्थाओं में दाखिला पा चुके हैं.


स्वास्थ्य और पोषण

  • सीसीएल ने झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई काम किए हैं.
  • रामगढ़ में ऐसा रसोईघर बन रहा है, जहां से रोजाना 50,000 बच्चों को मध्यान्ह भोजन मिलेगा.
  • हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में नया ऑपरेशन थिएटर बना है, जहां लोगों को निःशुल्क सर्जरी की सुविधा मिल रही है.
  • लातेहार और चतरा में टीबी के मरीजों को पौष्टिक खाना और सलाह दी जा रही है.
  • साथ ही, स्वास्थ्य शिविर, पोषण किट, और बुजुर्गों के लिए मल्टी एक्टिविटी सेंटर (MACE) जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं.


खेल और रोजगार

सीसीएल ने झारखंड के खिलाड़ियों और युवाओं के लिए भी कई पहल की हैं-  खेलगांव, रांची में झारखंड राज्य खेल प्रोत्साहन सोसायटी (JSSPS) के तहत एक खेल अकादमी चलाई जा रही है, जहां बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण, पढ़ाई और रहने की सुविधा दी जाती हैं यहां के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं.

 

युवाओं के लिए ई-रिक्शा वितरण, कौशल प्रशिक्षण, बुनाई-रंगाई प्रोजेक्ट और मशीन ऑपरेटर प्रशिक्षण जैसी योजनाएं भी चल रही हैं, जिससे लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं.


पर्यावरण संरक्षण

सीसीएल ने पर्यावरण की रक्षा के लिए भी कई कदम उठाए हैं. खदान क्षेत्रों में धूल और पानी का नियंत्रण, मत्स्य पालन और कचरा प्रबंधन किया जा रहा है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही