Ranchi: सीसीएल में पिछले 10 साल से सफाई कार्य कर रही चार महिलाओं को अचानक काम से हटा दिया गया. चारों सफाईकर्मी महिला को हटाने से साथी कर्मियों में आक्रोश फैल गया. आक्रोशित सैकड़ों महिला सफाईकर्मियों ने सीसीएल के कार्रवाई का विरोध करते हुए गेट के सामने प्रदर्शन किया. सफाईकर्मियों को पुन: बहाल की मांग की.
सैकड़ों महिला सफाईकर्मियों के समर्थन में भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कामगार यूनियन भी उतर आए है. धरने पर बैठी महिला सफाईकर्मी रेणु तिर्की, करमिला कुमारी, अमिता देवी और सुष्मिता सेठियो समेत अन्य ने बताया कि वर्ष 2016 से सीसीएल में फोर्थ ग्रेड पर काम कर रही थी. सीसीएल में 10 वर्षों तक सफाई का काम किए.
इस दौरान 14 जनवरी 2026 को नया टेंडर जारी हुआ. जिसके तहत उन्हें बिना किसी सूचना के काम से हटा दिया गया और उसी दिन नए लोगों को काम पर लगा दिया गया. पीड़ित सफाईकर्मी ने बताया कि काम पर हटाने के साथ ही पिछले दो महीनों से उनका वेतन नहीं दिया गया है, जबकि वर्ष 2025 से उनका बोनस भी बकाया है.
हाजिरी के लिए मुंशी मांगता 200 रुपए-पीड़िता
धरनास्थल पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि ठेकेदार उनसे बात तक नहीं कर रहे हैं, जिससे उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है. इन महिलाओं ने बताया कि पिछले दस वर्षों से किराए के मकान में रहकर काम कर रही थीं और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई इसी काम के सहारे चल रही थी. अचानक काम छीन जाने से उनका परिवार गहरे संकट में आ गया है.
पीड़ित रेणु तिर्की ने बताया कि उनके पति लकवा रोग से ग्रसित हैं और इन्हीं काम से पति का ईलाज चल रहा है. इसके साथ ही घर की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर है. नौकरी छीन जाने से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. धरना पर बैठी महिलाओं ने बताया कि मुंशी द्वारा हाजिरी बनाने के लिए 200 रुपये की मांग किया जाता है और दूसरे जगह काम करने के लिए कहा जाता है.
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