Ranchi : झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मध्य-पूर्व के मौजूदा हालात को देखते हुए यूरिया आपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार से अभी से ठोस रणनीति बनाने की मांग की है.
मगलवार को रांची में आयोजित “दिशा जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में शामिल होकर मंत्री ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि दिशा की बैठक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए बेहद अहम मंच है.
बैठक के दौरान मंत्री ने संभावित उर्वरक (फर्टिलाइजर) की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी संघर्ष, खासकर मध्य-पूर्व की स्थिति को देखते हुए इस वर्ष यूरिया आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. राज्य द्वारा मांगी गई मात्रा के मुकाबले कम उपलब्धता चिंता का विषय है, ऐसे में किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए.
इसके साथ ही मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण को लेकर भी सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि बीएलबीसी की बैठक नियमित रूप से आयोजित हो और किसानों को केसीसी लोन समय पर वितरित किया जाए, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो.
मांडर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण कार्य विभाग के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने संबंधित अभियंता को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि योजनाओं में देरी से सरकार की छवि प्रभावित होती है, इसलिए सभी विभाग समयसीमा का पालन सुनिश्चित करें.
मंत्री ने दोहराया कि किसानों के हितों की रक्षा और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment