Ranchi: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को निर्वाचन सदन में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई तथा राजनीतिक दलों द्वारा उठाई गई शंकाओं और प्रश्नों का पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समाधान किया गया.
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआईआर-2026 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो. उन्होंने राजनीतिक दलों को कार्यक्रम की चरणबद्ध कार्ययोजना और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि राज्य में 20 जून से 29 जून 2026 तक प्रशिक्षण एवं मुद्रण कार्य चल रहा है। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना एवं इन्यूमरेशन फॉर्म भरवाने का कार्य करेंगे. 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। सभी दावों और आपत्तियों के निष्पादन के बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी.
बैठक में बताया गया कि बीएलओ प्रत्येक घर तक पहुंचकर दो प्रतियों में आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे. यदि कोई घर बंद मिलता है तो बीएलओ कम से कम तीन बार वहां जाने का प्रयास करेंगे. इस दौरान शुरुआती चरण में मतदान केंद्रों पर शिविर नहीं लगाए जाएंगे, बल्कि पूरी प्रक्रिया घर-घर जाकर संचालित होगी.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाताओं को दस्तावेजों की अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए ‘सेल्फ’ एवं ‘पैरेंटल मैपिंग’ की व्यवस्था की गई है. यदि किसी व्यक्ति का नाम पूर्व की मतदाता सूची में दर्ज है तो उसे अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी. साथ ही सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं सैन्य अधिकारियों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर उनका सत्यापन किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों के युक्तिकरण की प्रक्रिया को निर्वाचन आयोग से मंजूरी मिल चुकी है. इस दौरान परिवार के सभी सदस्यों को एक ही मतदान केंद्र और एक ही सेक्शन में रखने का प्रयास किया जाएगा. गणना के दौरान अनुपस्थित, मृत, डुप्लीकेट तथा स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान की जाएगी और इस संबंध में राजनीतिक दलों के बीएलए-2 से भी अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा.
बैठक में नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई. बताया गया कि जो पात्र नागरिक 1 अक्टूबर 2026 तक मतदाता बनने की योग्यता प्राप्त कर लेंगे, उनके लिए अलग से आवेदन प्रक्रिया संचालित की जाएगी. इसके अलावा विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिक भी अपने पासपोर्ट में दर्ज पते के आधार पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकेंगे.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को है. गलत जानकारी देकर पंजीकरण कराने या घोषणा पत्र जमा करने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमार व्यक्तियों तथा एससी, एसटी एवं पीवीटीजी समुदाय के लोगों की सहायता के लिए विशेष स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी. साथ ही चुनाव पाठशाला एवं वोटर अवेयरनेस फोरम के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा.
बैठक के अंत में के. रवि कुमार ने सभी राजनीतिक दलों से एसआईआर-2026 कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से राज्य में पारदर्शी, त्रुटिरहित और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार की जा सकेगी.
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
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