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CGL पेपर लीक में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट केस: हाईकोर्ट से राहत नहीं, सिविल रिव्यू दूसरी बार खारिज

Ranchi: सत्यवत इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दाखिल सिविल रिव्यू याचिका को झारखंड हाईकोर्ट ने दूसरी बार खारिज कर दिया. सबसे पहले सत्यवत इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा उसे ब्लैकलिस्टेड किए जाने पर रिट याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था.
 
  • सत्यवत इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड को जेएसएससी ने किया है ब्लैकलिस्टेड
  • जेएसएससी ने कंपनी को तीन साल के लिए किया है प्रतिबंधित

Ranchi: सत्यवत इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दाखिल सिविल रिव्यू याचिका को झारखंड हाईकोर्ट ने दूसरी बार खारिज कर दिया. सबसे पहले सत्यवत इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा उसे ब्लैकलिस्टेड किए जाने पर रिट याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था. 


इसके बाद सत्यवत इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में सिविल रिव्यू दायर किया था. उसकी सिविल रिव्यू भी हाईकोर्ट से खारिज हो गई थी. सत्यवत इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट में राहत के लिए याचिका दाखिल की थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे राहत नहीं देते हुए हाईकोर्ट में सिविल रिव्यू फाइल करने को कहा था. इसके बाद कंपनी ने हाईकोर्ट में फिर से सिविल रिव्यू दायर की थी, जिसपर हाईकोर्ट का आज फैसला आया है.  


हाई कोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद एवं जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने मामले में फैसला सुनाया. जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल और अधिवक्ता राकेश रंजन ने पक्ष रखा था.

 

दरअसल जेएसएससी ने सत्यवत इंफोसोल प्राइवेट लिमिटेड को CGL परीक्षा पेपर लीक मामले में ब्लैकलिस्ट कर दिया था. 25 अप्रैल 2024 के आदेश के तहत, कंपनी को तीन साल के लिए डिबार (प्रतिबंधित) कर दिया गया है. झारखंड हाईकोर्ट ने भी इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.  पेपर लीक होने के बाद कंपनी के खिलाफ यह जेएसएससी का सबसे बड़ा एक्शन था. फर्म को अगले 3 वर्षों के लिए किसी भी परीक्षा आयोजित करने से रोक दिया गया है.  


हाईकोर्ट ने जेएसएससी के फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि कंपनी संतोषजनक जवाब देने में विफल रही है. जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने के कारण यह कार्रवाई की गई थी.

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