Amit Kumar
Nowamundi: पश्चिमी सिंहभूम जिला के राजाबुरु खदान में करीब 15 दिनों से जारी बंदी को लेकर स्थानीय मजदूरों और विभिन्न श्रमिक संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. खदान बंद होने से प्रभावित मजदूरों ने गुवा में संयुक्त बैठक कर जल्द से जल्द खदान शुरू कराने की मांग उठाई. बैठक में 100 से अधिक मजदूरों एवं विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
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बैठक में मजदूरों ने कहा कि खदान बंद होने से सबसे अधिक परेशानी स्थानीय मजदूरों और उनके परिवारों को हो रही है. साथ ही रोजगार से जुड़े किसी भी विवाद या समस्या का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि खदान बंद कर सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित करके.
मजदूर प्रतिनिधियों के अनुसार राजाबुरु खदान से जुड़े 100 से अधिक स्थानीय कर्मचारी और मजदूर इस बंदी से प्रभावित हैं. उनके परिवारों को मिलाकर लगभग 500 लोगों की आजीविका पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. बैठक में मजदूरों ने कहा कि स्थानीय रोजगार को लेकर कोई मांग या समस्या होने पर सेल प्रबंधन एवं प्रशासन के साथ वार्ता की जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति या कुछ लोगों के हित के कारण सैकड़ों परिवारों की आय प्रभावित होना उचित नहीं है. मजदूरों ने स्पष्ट किया कि वे ऐसे किसी आंदोलन का समर्थन नहीं करेंगे, जिससे स्थानीय लोगों के रोजगार पर संकट उत्पन्न हो.
बैठक में हिंद मजदूर सभा, भारतीय मजदूर संघ, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस, झारखंड मजदूर यूनियन एवं बेरोजगारी संघ से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक का नेतृत्व झारखंड मजदूर यूनियन के नेता एवं पूर्व मुखिया कपिलेश्वर डोंगो ने किया.
बैठक में निर्णय लिया गया कि मजदूरों एवं विभिन्न संगठनों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल सेल गुवा प्रबंधन से मुलाकात करेगा और राजाबुरु खदान को जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपेगा. इस बैठक में राकेश सुंडी, विनय कुमार सिंह, बसंत दास, रमेश गोप, दीप कुमार पान, आकाश पात्रा, समीर पाठक, मुकेश लाल, गणेश दास, कपिलेश्वर डोंगो शामिल रहे.
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