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चाईबासा: अवैध लौह अयस्क खनन पर कार्रवाई के लिए JMM ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

जिले में चल रहे अवैध लौह अयस्क खनन को लेकर जिला झामुमो की कोर समिति ने चाईबासा परिसदन में एक आपात बैठक की. यह बैठक जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम की अध्य्क्षता में हुई. जिसमें मौजूद सदस्यों ने एक स्वर में अवैध लौह अयस्क का पुरजोर विरोध किया. यह जानकारी झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है.
 

Chaibasa: जिले में चल रहे अवैध लौह अयस्क खनन को लेकर जिला झामुमो की कोर समिति ने चाईबासा परिसदन में एक आपात बैठक की. यह बैठक जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम की अध्य्क्षता में हुई. जिसमें मौजूद सदस्यों ने एक स्वर में अवैध लौह अयस्क का पुरजोर विरोध किया. यह जानकारी झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है. 

 

श्री लागुरी ने बताया कि आज की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पश्चिमी सिंहभूम, पुलिस अधीक्षक, पुलिस उप निरीक्षक, कोल्हान प्रमंडल, मुख्यमंत्री, झारखण्ड सरकार और पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन को समिति ने पत्र लिखा है. 

 

पत्र में कहा गया है कि विगत कई दिनों से विभिन्न समाचार पत्र, न्यूज चैनल एवं सोशल मीडिया में पश्चिमी सिंहभूम जिला के जेटया, नोवामुंडी, बड़ा जामदा समेत गुवा थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लौह अयस्क के अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित समाचार प्रमुखता से आता रहा है.

 

पत्र में आरोप लगाया गया है कि उक्त संगठित अवैध कारोबार मैनेजमेंट और फील्ड लेवल की कमान संतोष डेबरा और अरविंद के हाथों में है. मशीनों की तैनाती, मजदूरों की व्यवस्था, ट्रकों की आवाजाही और अयस्क को बड़े प्लांटों तक पहुंचाने का पूरा समन्वय इन्हीं के इशारे पर किया जा रहा है.


धंधे में कथित रूप से सन्नी सिंह, बड़ा जामदा निवासी संतोष डेबरा और अरविन्द चौरसिया मुख्य रूप से है. श्री लागुरी ने कहा कि वर्तमान समय में भी लौह अयस्क का अवैध खनन और कारोबार बदस्तूर बे रोक टोक जारी है.

 

साथ ही इसके कारण राज्य सरकार और जिला प्रशासन की भारी बदनामी हो रही है. जिसको लेकर झामुमो जिला संगठन काफी गंभीर है. श्री लागुरी ने कहा कि बड़ा जामदा स्थित कोर मिनरल्स खदान, जिसकी लीज समाप्त होने के बाद वर्षों से बंद पड़ी है, अब अवैध खनन का मुख्य केंद्र बन चुकी है. खदान की चारदीवारी तोड़कर अंदर एक्सकेवेटर और हाइवा वाहन तैनात किए गए हैं.

 

रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर उत्खनन कर अयस्क बाहर निकाला जा रहा है. दो घंटे में 10 से 15 हजार टन फाइंस की खुदाई कर ली जा रही है. इसके बाद अयस्क को स्थानीय क्रशरों में ले जाकर जाली कागजातों के सहारे “वैध” बनाया जाता है और फिर झारखंड के अन्य हिस्सों सहित बाहर भेजा जा रहा है. 

 

रोजाना 10 हजार टन की हो रही है ढुलाई

प्रतिदिन करीब 10 हजार टन से अधिक लौह अयस्क की अवैध निकासी  किया जा रहा है. इन सारे मामलों पर आज झामुमो जिला कोर कमिटी बैठक में विचार मंथन किया गया है और जिला प्रशासन को इस मामले पर 7 दिनों के अंदर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है.

 

मालूम हो कि गत सिरिंगसिया शहीद दिवस में मौजूद सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झामुमो जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने मंच पर ही जिले में चल रहे अवैध लौह अयस्क कारोबार से संबंधित बातचीत की जिसमें मुख्यमंत्री सोरेन ने जिला अध्यक्ष श्री देवगम को निर्देश देते हुए कहा था कि इस पर कड़ी नजर रखते हुए झामुमो जिला समिति की ओर से स्थानीय जिला प्रशासन को अवगत कराने की बात की, जिसको लेकर आज जिला झामुमो ने इससे संबंधित जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है.

 

बैठक में झामुमो जिला सचिव राहुल आदित्य, जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी, मन्नाराम कुदादा, दिलवर हुसैन, मोहम्मद मुजाहिद, अशोक दास, दुर्गा चरण देवगम, विनय प्रधान,विश्वनाथ बाड़ा, अकबर खान, प्रेम गुप्ता, अनुज पूर्ति, मंजीत हसदा, वंदना उरांव, जिलाउदीन अंसारी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे. 

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