Search

 
 
 

ट्रेजरी से अवैध निकासी का आरोप, भाजपा ने की CBI जांच की मांग

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि राज्य की वित्त व्यवस्था और राजकोष की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं और झारखंड में कई ट्रेजरी घोटाले सामने आए हैं.
 

Ranchi : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि राज्य की वित्त व्यवस्था और राजकोष की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं और झारखंड में कई ट्रेजरी घोटाले सामने आए हैं.

 

अजय शाह ने कहा कि सरकारी खजाना सबसे सुरक्षित माना जाता है, लेकिन वर्तमान सरकार में उसी राजकोष से बार-बार अवैध निकासी हो रही है. उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 में ऊर्जा विभाग से करीब 100 करोड़ रुपये और पर्यटन विभाग से 10 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई है.

 

प्रेस वार्ता में बोकारो में हुए लगभग 4 करोड़ रुपये के घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कौशल पांडे नामक अकाउंटेंट ने सेवानिवृत्त कांस्टेबल उपेंद्र सिंह के रिकॉर्ड में बदलाव कर उन्हें सेवा में दिखाया और पिछले 25 महीनों में 63 बार अपनी पत्नी के खाते में वेतन के रूप में राशि ट्रांसफर की. उन्होंने यह भी कहा कि हजारीबाग में यह घोटाला 15 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपये तक का हो सकता है.

 

अजय साह ने आरोप लगाया कि ई-कुबेर पोर्टल में किसी छोटे कर्मचारी द्वारा इस तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं है. इसमें बड़े अधिकारियों की संलिप्तता हो सकती है. उन्होंने कहा कि ड्राइंग एंड डिसबर्जिंग ऑफिसर के रूप में जिले के एसपी की भी जिम्मेदारी बनती है और वे इससे बच नहीं सकते.

 

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी का आरोप है, उसे डीजीपी द्वारा सम्मानित किया गया. उनके अनुसार संबंधित अकाउंटेंट उच्च अधिकारियों के लिए फंड मैनेजर के रूप में काम करता था.

 

अजय शाह ने कहा कि यह मामला राज्य सरकार या पुलिस की जांच से नहीं, बल्कि कैग की जांच में सामने आया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कई महत्वपूर्ण फाइलें जांच एजेंसियों को उपलब्ध नहीं करा रही है. उन्होंने आशंका जताई कि यदि पूरे राज्य की ट्रेजरी की जांच की जाए तो घोटाले की राशि 1000 से 2000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है.

 

भाजपा ने इस मामले में कई मांगें रखी हैं. पार्टी ने ट्रेजरी घोटाले से जुड़ी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने, पूरे राज्य में जांच कराने और जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी जैसे सीबीआई या न्यायिक आयोग से कराने की मांग की है. इसके अलावा जल जीवन मिशन, डीएमएफटी और अन्य मामलों से जुड़ी फाइलें भी तुरंत उपलब्ध कराने की मांग की गई है.

 

अजय साह ने कहा कि यह घोटाला केवल एक विभाग तक सीमित नहीं हो सकता और अन्य विभागों में भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम पर इस तरह की निकासी हो सकती है.

अब तक आपने पढ़ा...

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही