Hazaribagh : बोकारो के बाद हजारीबाग पुलिस विभाग (अकाउंट सेक्शन) से करीब 25 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी निकासी का मामला सामने आया है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गड़बड़ी पिछले लगभग 14 वर्षों से सुनियोजित तरीके से की जा रही थी. इतना ही नहीं फर्जी निकासी में शामिल पुलिसकर्मी लग्जरी गाड़ियां जैसे फॉर्च्यूनर और इनोवा मेंटेन में चलते हैं.
बता दें कि पहले भी इन सिपाहियों के खिलाफ जांच की गई थी. हालांकि उस समय उन्होंने संपत्ति बेचकर वाहन खरीदने की बात कही थी. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फर्जी बिलिंग के माध्यम से आरोपी शंभू के खाते में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए.
बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मी कई वर्षों से हजारीबाग पुलिस कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में ही पदस्थापित थे. पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने बताया कि मामले में चार लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है. सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है.
अंजनी अंजन ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा. पुलिस दस्तावेजों और लेनदेन की जांच की जा रही है. साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी निकासी का नेटवर्क कितना बड़ा है.
बताते चलें कि पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें पंकज सिंह, धीरेंद्र, शंभू के अलावा एक अन्य शामिल है. सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में अब तक डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की राशि फ्रीज की जा चुकी है.
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