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बोकारो व हजारीबाग ट्रेजरी से फर्जी निकासी की पुष्टि पर वित्त विभाग ने दिए जांच के आदेश

Ranchi: बोकारो और हजारीबाग एसपी कार्यालय से फर्जी निकासी का मामला प्रकाश में आने के बाद वित्त विभाग ने जांच का आदेश जारी किया है. तीन साल से अधिक समय से कार्यरत बिल क्लर्क को हटाने का आदेश दिया है. इसके अलावा फर्जी निकासी पर काबू पाने के लिए कई तरह का दिशा निर्देश जारी किया है.
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Ranchi: बोकारो और हजारीबाग एसपी कार्यालय से फर्जी निकासी का मामला प्रकाश में आने के बाद वित्त विभाग ने जांच का आदेश जारी किया है. तीन साल से अधिक समय से कार्यरत बिल क्लर्क को हटाने का आदेश दिया है. इसके अलावा फर्जी निकासी पर काबू पाने के लिए कई तरह का दिशा निर्देश जारी किया है. वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश को सभी विभागीय सचिवों, प्रमंडलीय आयुक्तों और ट्रेजरी ऑफ़िसर्स को भेजा गया है.


वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रधान महालेखाकार से मिली सूचना का आलोक में बोकारो एसपी कार्यालय के सहारे 3.15 करोड़ की निकासी के बाद हजारीबाग एसपी कार्यालय से भी आठ साल के दौरान 15.41 करोड़ रुपये की निकासी की जानकारी मिली है. अवैध निकासी के मामलों की समीक्षा के दौरान निम्न लिखित गलतियां पायी गयी है.


1- रिटायर्ड कर्मचारियों का वेतन भुगतान कार्यालय के रजिस्टर से मिलान किये बिना ही किया जा रहा है. बोकारो में रिटायर्ड कर्मचारी के GPF प्रोफ़ाइल में जन्म तिथि बदल कर उसे कार्यरत दिखा कर अवैध निकासी की गयी है.


2- कर्मचारियों के वतन भुगतान से पहले उसके Pay Scale की जांच नहीं की जा रही थी. बोकारो और हजारीबाग में Pay Scale से अधिक भुगतान किया जा रहा था.


3-  बिल क्लर्क द्वारा अपनी पत्नी का खाता नंबर लिख कर पैसा ट्रांसफ़र किया जा रहा था.


4- सितंबर 2025 के पहले से एक ही मोबाईल नंबर पर बिल क्लर्क और DDO का OTP जा रहा था.


5- सितंबर 2025 के बाद आधार लिंक मोबाईल पर OTP भेजे जाने के बावजूद DDO द्वारा बिल क्लर्क के साथ साझा किया जा रहा था.


6-  बिल क्लर्क 10-12 साल से एक ही कार्यालय में अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत था.

 

निकासी में गड़बड़ी से बचने के लिए दिये गये आदेश 


1-  सभी DDO अपने स्थापना में कार्यरत कर्मचारियों का नाम,जन्म तिथि आदि का मिलान सर्विस बुक से करने और कर्मचारी के कार्यरत रहने की पुष्टि के बाद ही भुगतान करें.


2- सभी कर्मचारियों का वेतन भुगतान Pay Slip और सर्विस बुक में सर्विस बुक के ब्योरे से सत्यापन के बाद करें.


3- वेतन भुगतान से पहले कर्मचारियों के बैंक खाता नंबर की जांच पासबुक या चेक के आधार पर कर लें. DDO द्वारा इससे संबंधित सर्टिफ़िकेट देना ज़रूरी होगा. सर्टिफ़िकेट के बिना वेतन की निकासी नहीं होगी.


4- DDO द्वारा किसी भी परिस्थिति में अपना OTP दूसरे के साथ साझा नहीं करेंगे


5- किसी DDO के साथ तीन साल से अधिक समय से कार्यरत बिल क्लर्क को बदला जाये.

 

उल्लेखनीय है कि प्रधान महालेखाकार ने ट्रेजरी के ऑडिट के बाद सरकार को ट्रेजरी से फर्ज निकासी की जानकारी दी थी. इस सिलसिले में वित्त विभाग को भेजे गये पत्र में यह कहा गया था कि ट्रेजरी में दोहरे वेतन निकासी का मामला पाया गया है. वेतन मद में दोहरी निकासी एक ही DDO या अलग अलग DDO द्वारा की गयी है. HRA की निर्धारित सीमा 01% के बदले 20% प्रतिशत की निकासी की गयी है. इसके अलावा महंगाई भत्ता मद मे 58% की सीमा से अधिक की निकासी करने का मामला पाया गया है.

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