Nitish Thakur
Goilkera : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड के बिला गांव में शुक्रवार को जल, जंगल, जमीन आंदोलन के प्रणेता शहीद देवेंद्र माझी के साथी रहे दिऊं कोड़ाह का 40वां शहादत दिवस मनाया गया. शहीद स्मारक समिति की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि के रूप में मनोहरपुर विधायक जगत माझी शरीक हुए. उन्होंने दिऊं कोड़ाह के समाधि स्थल पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके संघर्षां को याद किया.
विधायक ने कहा दिऊं कोड़ाह ने उनके पिता देवेंद्र माझी के साथ मिलकर जंगल में बसे लोगों को उनका हक-अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करते हुए अपनी शहादत दी. दिऊं कोड़ाह के अलावा सुखराम पुरती, टूंगी कोड़ाह, निंबु कुई ने भी संघर्ष किया था. उन्होंने कहा कि पिता देवेंद्र माझी ने संघर्ष कर जंगल में लोगों को बसाया और मां जोबा माझी के प्रयास से वहां बसे लोगों को वन पट्टा मिला. अब उनकी कोशिश यहां के लोगों को आगे बढ़ाने की है.
इससे पूर्व बिला गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने विधायक का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. उन्हें स्थानीय समस्याओं से भी अवगत कराया और समाधान की मांग की. कार्यक्रम में झामुमो जिला उपाध्यक्ष अकबर खान, प्रखंड अध्यक्ष सह मुखिया गणेश बोदरा, मंगल सिंह लागुरी, कृष्णाचंद्र लागुरी, सुखराम कोड़ाह, सुखमती बानरा, सोमा पूर्ति समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.
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