- खेत की मेड़ काटने को लेकर शुरू हुआ था विवाद, साजिश रचकर मां-बेटी की हत्या करने का आरोप
Shambhu Kumar
Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र के बड़ा तोरलो गांव में मां-बेटी की हत्या कर शव जलाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के एक वरीय अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर तोरलो जंगल स्थित दावुक पहाड़ की गुफा से दोनों के जले हुए शवों के अवशेष (हड्डियां) बरामद कर लिए गए हैं. गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
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एसडीपीओ बहामन टूटी ने बताया कि खेत की मेड़ काटने को लेकर हुए विवाद के बाद इस दोहरे हत्याकांड की साजिश रची गई थी. हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शवों को जंगल में ले जाकर जला दिया गया और गुफा में दफना दिया गया था.
पुलिस ने बताया कि 27 अक्टूबर 2026 को मंझारी थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बड़ा तोरलो गांव निवासी कुई बिरुवा (68 वर्ष), पति स्वर्गीय रसिका बिरुवा और उनकी बेटी नामसी बिरुवा (27 वर्ष) की हत्या कर दी गई है.
इस घटना में गांव के लोगों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों की संलिप्तता की सूचना मिली थी. इसके आधार पर मंझारी थाना में मामला दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई थी. विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर छापेमारी कर सात प्राथमिक अभियुक्तों को गिरफ्तार किया.
गिरफ्तार आरोपियों में यदुनाथ बिरुवा उर्फ यादू (31), लादुरा बिरुवा (50), राजाराम बिरुवा (34), चेन्दे बिरुवा उर्फ चन्द्र बिरुवा, माहती बिरुवा (35), दुर्गा कोडाकेल उर्फ लखन कोडाकेल (32) और त्रिभुवन बिरुवा (36) शामिल हैं. सभी आरोपी मंझारी थाना क्षेत्र के बड़ा तोरलो और आसपास के गांवों के निवासी हैं.
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. इसके बाद पुलिस टीम ने दंडाधिकारी, एफएसएल टीम और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में आरोपियों की निशानदेही पर जंगल की गुफा से जले हुए शवों के अवशेष बरामद किए.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जुलाई 2026 में खेत की मेड़ काटने को लेकर कुई बिरुवा और यदुनाथ बिरुवा के बीच विवाद हुआ था. कुई ने दूसरी शादी स्वर्गीय रसिका बिरुवा से की थी. उनके पहले पति के बेटे त्रिभुवन बिरुवा के साथ भी पारिवारिक विवाद चल रहा था. आरोप है कि त्रिभुवन अपनी मां और बहन नामसी को घर से हटाना चाहता था. इसी उद्देश्य से उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची.
13 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे आरोपियों ने कुई बिरुवा और उनकी बेटी नामसी बिरुवा की हत्या कर दी.इसके बाद दोनों के शवों को कंधे पर ढोकर मोटकसाई गांव के दावुक पहाड़ स्थित गुफा में ले जाया गया.वहां लकड़ी, झाड़ी और डीजल की मदद से शवों को जलाकर अवशेष गुफा में ही दफना दिए गए.
इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.छापेमारी दल में एसडीपीओ बहामन टूटी,थाना प्रभारी दिलीप साय माझी,पुलिस अवर निरीक्षक जितेंद्र कुमार के अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे.
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