Ranchi News: झारखंड के तेनुघाट थर्मल पावर प्लांट में सिर्फ दो दिनों को कोयले का स्टॉक है. सीसीएल को कोयले की आपूर्ति का निर्देश दिया गया है. कोयले की आपूर्ति नहीं होने की स्थिति में झारखंड में बिजली का संकट पैदा होने का खतरा हो सकता है. हालांकि फिलहाल राज्य में बिजली संकट नहीं है.
तेनुघाट थर्मल पावर प्लांट की उत्पादन क्षमता 420 मेगावाट है. लेकिन इससे फिलहाल 300-315 मेगावाट तक का ही उत्पादन होता है. तेनुघाट थर्मव पावर प्लाट में प्रति दिन 6.3 हजार टन कोयले की खपत है. इस खपत के हिसाब से यहां 21 दिन के लिए कोयले का स्टॉक 133.1 हजार टन रिजर्व रहना चाहिए. लेकिन यहां फिलहाल 11.7 हजार टन ही कोयले का स्टॉक उपलब्ध है. अगर कोयले की आपूर्ति नहीं हुई तो राज्य में आवश्यक्ता के मुकाबले करीब 300 मेगावाट की कमी हो सकती है.
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झारखंड सहित देश के 89 थर्मल पावर प्लांट कोयले के संकट से गुजर रहे हैं. इन प्लांटों में कोयले के निर्धारित स्टॉक के मुकाबले वर्तमान स्टॉक 25 प्रतिशत से नीच गिर गया है. थर्मव पावर प्लांट में रोजाना खपत के मुकाबले 21 दिन का स्टॉक रहता है. किसी पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक 25 प्रतिशत से कम होने पर उसे क्रिटिकल माना जाता है. फिलहाल देश के 89 थर्मल पावर प्लांटों में इस निर्धारित स्टॉक के मुकाबले वर्तमान स्टॉक 25 प्रतिशत से कम हो गया है. इस स्थिति को देखते हुए सभी कोयला कंपनियों को कोयले की आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया है.
थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की वर्तमान स्थिति का उदाहरण
| राज्य | प्लांट | स्टॉक |
| झारखंड | 01 | 9% |
| हरियाणा | 01 | 14% |
| राजस्थान | 07 | 17% |
| उत्तर प्रदेश | 03 | 22% |
| मध्य प्रदेश | 01 | 18% |
| महाराष्ट्र | 06 | 16% |
| आंध्र प्रदेश | 03 | 13% |
| कर्नाटक | 02 | 12% |
| तामिलनाडू | 01 | 18% |
| तेलंगाना | 01 | 14% |
| बंगाल | 01 | 7% |
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