Amit Kumar
Chaibasa news : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा स्थित रेलवे माल गोदाम में नौकरी दिलाने के नाम पर श्रमिकों से पैसे वसूलने का मामला सामने आया है. इस मामले के सामने आने के बाद नौकरी की उम्मीद में पैसे देने वाले श्रमिकों के बीच चिंता बढ़ गई है. स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, करीब 300 से 400 लोगों से पैसे लिए जाने का आरोप है.
कुछ श्रमिकों ने 1,500 रुपये देने की बात कही है. हालांकि अब तक प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या और वसूली गई कुल राशि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.श्रमिकों के मुताबिक, उन्हें रेलवे माल गोदाम में काम दिलाने का भरोसा दिया गया था. इसी भरोसे पर उन्होंने पैसे दिए. इस मामले में चंदन बोपाई नाम के व्यक्ति का नाम सामने आया है. आरोप है कि वह ओडिशा जलेश्वर क्षेत्र से बड़ाजामदा आकर श्रमिकों से पैसे एकत्र करता था.
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. वहीं संबंधित व्यक्ति ने अपना पक्ष रखते हुए स्वयं को यूनियन से जुड़ा बताया है. उसने कहा है कि वे लोग फर्जी नहीं हैं. इस बीच भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के नाम से जारी रसीद और मुहर को लेकर भी विवाद सामने आया है.
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि वे इस क्षेत्र में बाद में आए थे. यहां आने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि संगठन के नाम और मुहर का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर श्रमिकों से पैसे लिए जा रहे हैं. पदाधिकारियों ने अपने दावे के समर्थन में संगठन के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज भी दिखाए हैं.
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार इस मामले में संबंधित थाने में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई गई है. अब मामले की जांच और आरोपों की सच्चाई सामने आने का इंतजार है. श्रमिकों को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के आरोपों की निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल श्रमिकों की संख्या, वसूली गई रकम और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.

