Amit Kumar
Nowamundi: स्थानीय रोजगार और पूर्व में हुए लिखित समझौते को लागू कराने की मांग को लेकर सारंडा विकास समिति, जामकुंडिया-दुईया के बैनर तले ग्रामीणों और बेरोजगार युवाओं ने सोमवार से सेल की गुवा खदान के रांजाबुरु क्षेत्र में अनिश्चितकालीन आंदोलन सह चक्का जाम शुरू कर दिया. आंदोलन का नेतृत्व मानकी लागुड़ा देवगम और गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल कर रहे हैं.
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आंदोलनकारी बड़ी संख्या में पारंपरिक हथियारों के साथ रांजाबुरु खदान पहुंचे और स्क्रीनिंग मशीन समेत खदान के विभिन्न संचालन क्षेत्रों को घेरकर चक्का जाम कर दिया. इससे खदान का उत्पादन, लौह अयस्क डिस्पैच और माल ढुलाई प्रभावित हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में सेल प्रबंधन, प्रशासन और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता में स्थानीय रोजगार समेत कई मांगों पर लिखित सहमति बनी थी, लेकिन उसका अपेक्षित क्रियान्वयन नहीं हुआ.
प्रमुख मांगों में प्रभावित 18 गांवों के युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार, रैक लोडिंग एवं ट्रांसपोर्टिंग में स्थानीय भागीदारी, प्रदूषण नियंत्रण और कारो नदी की सुरक्षा शामिल हैं. ग्रामीणों ने ठेका कंपनी मां सरला पर बाहरी लोगों को रोजगार देने का आरोप भी लगाया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
मुखिया राजू सांडिल ने कहा कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा. ठोस निर्णय होने तक उत्पादन और ट्रांसपोर्टिंग बंद रखने की चेतावनी दी गई है. आंदोलन में विभिन्न गांवों के मुंडा, ग्रामीण और बेरोजगार युवा शामिल है.
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