Ranchi : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) नियुक्ति घोटाले में ECIR दर्ज कर ली है. इसमें TDPL के निदेशकों सहित आठ को अभियुक्त बनाया गया है. TDPL को अभियुक्त बनाये जाने की वजह से JSSC द्वारा आयोजित परीक्षा भी जांच के दायरे में शामिल कर ली गयी है.
ED द्वारा दर्ज ECIR में TDPL के दोनों निदेशकों, JPSC के उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, JPSC के कर्मचारी मनोज तिर्की और सोनू कुमार को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. इसके अलावा TDPL के कर्मचारी मोहम्मद उसमान और अवध के अलावा अभय कुमार तिवारी को भी नामजद अभियुक्त बनाया गया है.
ईडी द्वारा दर्ज ECIR में कहा गया है कि आयोग ने नियमों का उल्लंघन कर नॉमिनेशन के आधार पर TDPL को परीक्षा से संबंधित सारा काम दे दिया. नॉमिनेशन पर काम देने से पहले इस ऐजेंसी के बारे में छानबीन नहीं की गयी. इस एजेंसी को झारखंड राज्य कर्मचारी आयोग (JSSC) द्वारा परीक्षा से जुड़े काम दिये गये थे. लेकिन इसमें गड़बड़ी सहित अन्य कारणों से उसे दिया गया वर्क ऑर्डर रद्द कर दिया गया था. साथ ही अगले तीन साल के लिए प्रतिबंध लगाया गया था. कंपनी ने उत्तर प्रदेश में भी कई परीक्षाओं का संचालन किया था. वहां भी उसके खिलाफ अनियमितता के गंभीर आरोप लगे थे.
ECIR में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक असीम किस्पोट्टा द्वारा TDPL की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्कालीन अध्यक्ष ख्यांगते को दी गयी थी. इसके बाद असीम किस्पोट्टा से परीक्षा नियंत्रक का काम छीन कर श्वेता गुप्ता को दे दिया गया था. श्वेता गुप्ता का तबादला होने के बावजूद उसे रिलिव करने के बजाए आयोग में काम लिया जाता रहा. श्वेता गुप्ता ने सिविल सेवा के लिए ली गयी प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी होने से पहले उसका Answer Key, TDPL के कर्मचारी मोहम्मद उसमान को वाह्ट्सएप पर भेजा था.
अभियुक्तों का ब्योरा
| नाम | पदनाम |
| सत्यपाल सिंह | TDPL के निदेशक |
| रामबीर सिंह | TDPL के निदेशक |
| श्वेता गुप्ता | उप-परीक्षा नियंत्रक, JPSC |
| मोहम्मद उसमान | TDPL का कर्मचारी |
| अवध | TDPL का कर्मचारी |
| मनोज तिर्की | JPSC का कर्मचारी |
| सोनु कूमार | JPSC का कर्मचारी |
| अभय कुमार तिवारी | TDPL का मार्केटिंग मैनेजर |
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