Shambhu Kumar
Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले में मोबाइल नेटवर्क एवं दूरसंचार सेवाओं के विस्तार तथा सुदृढ़ीकरण को लेकर जिला समाहरणालय में गुरुवार को एक अहम बैठक हुई. बैठक की संयुक्त अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने की. बैठक में जिले के सभी वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, दूरसंचार विभाग (डीओटी) के अधिकारी, अपर उपायुक्त, संबंधित अंचलाधिकारी, विभिन्न मोबाइल नेटवर्क प्रदाता कंपनियों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए.
बैठक के दौरान भारत सरकार की डिजिटल इंडिया मुहिम एवं यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) के अंतर्गत जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए संचालित मोबाइल टावर और ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने से जुड़े कार्यों की समीक्षा की. साथ ही प्रस्तावित टावरों एवं फाइबर नेटवर्क परियोजनाओं के लिए वन विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने की प्रगति पर भी चर्चा हुई.
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, ई-गवर्नेंस, सुरक्षा तथा विकास की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है. उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए, जहां अब तक मोबाइल नेटवर्क की पहुंच सीमित है या नेटवर्क की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है.
बैठक में मोबाइल टावर एवं फाइबर केबल बिछाने से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए एक समन्वय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया. यह समिति लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, नियमित समीक्षा और देखरेख का कार्य करेगी.
पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने कहा कि बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी से आम नागरिकों को सुविधा मिलने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था संधारण, आपातकालीन सेवाओं तथा सुरक्षा तंत्र को भी मजबूती मिलेगी. उन्होंने विशेष रूप से नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्रों में संचार सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया.
बैठक में जिले के नेटवर्क विहीन एवं वन क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर मोबाइल टावर स्थापित करने तथा गुणवत्तापूर्ण डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
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