Saraikela: सरायकेला नगर क्षेत्र में उत्पन्न पेयजल संकट को लेकर गुरुवार को गंभीर स्थिति देखने को मिली, जब वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) का नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी के नेतृत्व में संयुक्त निरीक्षण किया गया. निरीक्षण में पीएचईडी की कार्यप्रणाली और तकनीकी व्यवस्था में कई खामियां उजागर हुईं, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत, पीएचईडी एवं जुडको की संयुक्त टीम मौजूद रही. बताया गया कि मोटर में तकनीकी खराबी आने और उसके जल जाने से नगर की जलापूर्ति प्रभावित हुई. जांच में सामने आया कि लगभग 5 एमएलडी क्षमता वाले जलापूर्ति संयंत्र से वर्तमान में मात्र 2 एमएलडी जल ही आपूर्ति किया जा रहा है, जिससे शहरवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है.
टीम ने पाया कि स्विच पैनल, रिले सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की खराब स्थिति तथा नियमित अनुरक्षण के अभाव के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है. निरीक्षण में यह भी सामने आया कि दीर्घकालिक समाधान के लिए प्रस्तावित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थानांतरण और जुडको विद्युत कनेक्शन से संबंधित कार्य लंबे समय से लंबित हैं, जिससे व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है.
संयुक्त टीम ने पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को जवाबदेही तय करते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने, तकनीकी उपकरणों की मरम्मत, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा नियमित अनुरक्षण व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया.
नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि नागरिकों को नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष अविनाश कवि, वार्ड पार्षद गौतम नायक, विक्रम मोदक, पीएचईडी के सहायक अभियंता ललित कुमार, कनीय अभियंता प्रकाश गुप्ता, जुडको के नयन मोदक, नगर पंचायत सिटी मैनेजर सुमित सुमन, महेश जारिका, अभियंता अजय सुंडी, विक्की गोप, समीर रजक, प्रह्लाद साहू सहित अन्य पदाधिकारी एवं तकनीकी कर्मी उपस्थित थे.
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