Ranchi : झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया. भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए चौथी बार राज्यसभा पहुंचने का रास्ता साफ कर लिया. इस जीत ने सत्ता पक्ष के राजनीतिक गणित पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
चुनाव में जीत के लिए 28 वोटों की आवश्यकता थी, जबकि एनडीए के पास केवल 24 विधायक थे. इसके बावजूद नाथवानी को आवश्यक समर्थन मिल गया. राजनीतिक हलकों में इसे क्रॉस वोटिंग का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है. नतीजों के बाद कांग्रेस खेमे में मायूसी और एनडीए में उत्साह का माहौल देखने को मिला.
परिमल नाथवानी इससे पहले 2008 से 2020 तक झारखंड का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. बाद में वे आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य बने. अब एक बार फिर उनकी झारखंड से वापसी ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है. मतगणना के बाद जारी वोटों की गिनती में बैद्यनाथ राम को 31 वोट और परिमल नाथवानी को 28 वोट प्राप्त हुए. वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 19 मत मिले. तीन वोट अमान्य घोषित होने से चुनावी गणित पर असर पड़ा, लेकिन नाथवानी की जीत का रास्ता साफ हो गया.
नाथवानी की जीत पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनका अनुभव और राज्य से जुड़ाव झारखंड के लिए लाभकारी साबित होगा. उन्होंने कहा कि सभी एनडीए विधायक एकजुट रहे और गठबंधन की रणनीति पूरी तरह सफल रही.
उधर जीत की घोषणा होते ही झारखंड विधानसभा परिसर में जश्न शुरू हो गया. भाजपा विधायकों और समर्थकों ने भारत माता की जय, जय श्री राम और वंदे मातरम् के नारे लगाए. मिठाइयां बांटी गईं और कार्यकर्ताओं ने इसे एनडीए की बड़ी राजनीतिक जीत बताया. नाथवानी की यह वापसी झारखंड की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहेगी.
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