Search

 
 
 

Chaibasa News: प्रतिमा लगाने का विवाद पकड़ा तूल, झामुमो व ‘आदिवासी हो समाज’ आमने-सामने

पश्चिमी सिंहभूम जिला के चाईबासा-टाटा बाईपास चौक पर प्रस्तावित दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना को लेकर शनिवार को चाईबासा में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और आदिवासी हो समाज के लोग आमने-सामने आ गए.
 
  • शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना का विरोध, वीर शहीद पोटो हो की प्रतिमा लगाने की उठी मांग

Shambhu Kumar

Chakradharpur: पश्चिमी सिंहभूम जिला के चाईबासा-टाटा बाईपास चौक पर प्रस्तावित दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना को लेकर शनिवार को चाईबासा में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और आदिवासी हो समाज के लोग आमने-सामने आ गए. दोनों पक्षों की ओर से जोरदार नारेबाजी हुई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया.


हालांकि प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से स्थिति नियंत्रण में रही तथा किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई. आदिवासी हो समाज के सदस्य तांबो चौक से पैदल मार्च करते हुए टाटा बाईपास चौक पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने प्रतिमा स्थल के समीप संगठन का झंडा लगाया, वीर शहीद पोटो हो का चित्र स्थापित किया और अनुमति प्राप्त कार्यक्रम के तहत धरने पर बैठ गए. हो समाज का कहना था कि कोल्हान की ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय वीर शहीदों के सम्मान को देखते हुए, इस स्थल पर वीर शहीद पोटो हो की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए.

 

इसे भी पढ़ें:

 

झंडा हटाने के बाद बढ़ा आक्रोश

जिला प्रशासन के लिखित अनुमति के बाद हो समाज के द्वारा चौक के समीप ही धरना प्रदर्शन जारी था. इसी इसी दौरान प्रशासनिक अधिकारी के कहने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी द्वारा हो समाज का झंडा चौक से हटाया गया. जिसे लेकर आदिवासी को समाज के लोग आक्रोशित हो गए और लगातार नारेबाजी करने लगे.

 

नारेबाजी के बीच पुलिस ने संभाली कमान

दोनों पक्षों के समर्थकों के आमने-सामने आने के बाद लगातार नारेबाजी होने लगी. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों को अलग-अलग रखा. इसके बाद पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. दूसरी ओर झामुमो कार्यकर्ता पहले से ही प्रतिमा स्थल पर मौजूद थे. उन्होंने पार्टी का झंडा, बैनर और दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन का चित्र लगाकर प्रतिमा स्थापना के समर्थन में नारे लगाए और कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की तैयारी जारी रखी.

 

कई अधिकारी मौके पर पहुंचे

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहमन टूटी, अपर उपायुक्त, जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ), सर्जेंट मेजर सहित सदर, मुफस्सिल और पंद्रशाली थाना सहित अन्य जगहों से पुलिस मौके पर पहुंची.

 

वार्ता विफल, खाली कराया गया धरनास्थल

लंबी बातचीत के बावजूद जब कोई सहमति नहीं बनी तो प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से धरने पर बैठे आदिवासी हो समाज के सदस्यों को पुलिस सुरक्षा में बस से वहां से हटाया. इसके बाद धरना स्थल खाली करा दिया गया. धरना समाप्त होने के बाद झामुमो की ओर से प्रतिमा स्थापना से संबंधित कार्य फिर शुरू कराया गया. पूरे घटनाक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए रहा.

प्रतिमा स्थापना को लेकर मतभेद उभरे

टाटा बाईपास चौक पर किस महापुरुष की प्रतिमा स्थापित हो, इसे लेकर दोनों पक्षों के मतभेद खुलकर सामने आ गए. जहां झामुमो दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना पर अडिग रहा, वहीं आदिवासी हो समाज महासभा ने वीर शहीद पोटो हो की प्रतिमा स्थापित करने की मांग दोहराते हुए इसे कोल्हान की अस्मिता और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

 

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही