Shambhu Kumar
Chaibasa News: मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 में पश्चिमी सिंहभूम जिले का बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए जिले के चाईबासा स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर स्थित पोटो हो सभागार में बुधवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापक शामिल हुए.
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बैठक के दौरान बोर्ड परीक्षा की तैयारी, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था, शैक्षणिक संसाधन और परीक्षा परिणाम में सुधार को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई. इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि बेहतर परिणाम के लिए अभी से विद्यालय स्तर पर योजनाबद्ध एवं सामूहिक प्रयास जरूरी है. उन्होंने पाठ्यक्रम जल्द पूरा कराने, विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास कराने तथा वस्तुनिष्ठ एवं वर्णनात्मक प्रश्नों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया.
साथ ही कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए अतिरिक्त एवं उपचारात्मक कक्षाएं चलाने तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित करने को कहा. विद्यालयों में कार्यरत डीएमएफटी ट्यूटर को नियमित कक्षाएं लेने तथा बोर्ड परीक्षा की तैयारी में विद्यार्थियों को सहयोग देने को कहा. वहीं निर्धारित 80 से 120 घंटे की कक्षाओं का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया गया.
बीएड प्रशिक्षुओं को भी शिक्षण कार्य से जोड़कर विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता देने को कहा गया. उपायुक्त ने प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारी भी समय रहते शुरू कराने को कहा. बैठक में बताया गया कि परख बुकलेट जल्द सभी विद्यालयों में उपलब्ध कराई जाएगी. विद्यार्थियों से नियमित अभ्यास कराने तथा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में पुनः परख या आकलन परीक्षा आयोजित करने की तैयारी करने को कहा गया.
दिवाली से पहले प्रथम सेमेस्टर परीक्षा और जनवरी 2027 में प्रस्तावित प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी भी समय पर पूरी कराने का निर्देश दिया गया. विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष जोर देते हुए आगामी 12 अक्टूबर की अभिभावक-शिक्षक बैठक में 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्थिति से अवगत कराने को कहा गया.
साथ ही विद्यालयों में पेयजल, बेंच-डेस्क और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया. बैठक में शिक्षकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए आवश्यकता वाले विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया.
बीएड प्रशिक्षुओं, डीएमएफटी ट्यूटर एवं अनुभवी शिक्षकों के सहयोग से जिला स्तर पर विशेष कक्षाएं चलाने तथा उन्हें यूट्यूब के माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने की योजना पर चर्चा हुई. उपायुक्त ने प्रोजेक्ट जागृति के तहत रक्तदान अभियान में विद्यालयों एवं शिक्षकों के सहयोग की सराहना की.
आगामी 24 अक्टूबर को आयोजित रक्तदान शिविर में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही शिक्षा विभाग के विभिन्न संकेतकों में सुधार के लिए विद्यालयवार कमियों का आकलन कर समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा. लगभग तीन सप्ताह बाद बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और परीक्षा तैयारियों की पुनः समीक्षा की जाएगी. बैठक में जिले के विभिन्न विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद थे.
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