Nitish Thakur
Goilkera: पश्चिमी सिंहभूम जिला की गोईलकेरा स्थित अग्र परियोजना केंद्र में बुधवार को ‘मेरा रेशम, मेरा अभिमान 2.0’ कार्यक्रम के तहत तसर रेशम उत्पादन को लेकर किसानों को प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण में गोईलकेरा प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 40 किसानों ने भाग लिया.
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इस मौके पर रांची से पहुंची वैज्ञानिक डॉ. दिव्या राजावत, परियोजना प्रबंधक सुरेंद्र साहू एवं राम मोहन प्रमाणिक ने संयुक्त रूप से किसानों को रेशम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी. डॉ. दिव्या राजावत ने कहा कि किसान केंद्रित सहभागी विस्तार प्रणाली के माध्यम से रेशम किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है. इसके माध्यम से किसानों को उत्पादन बढ़ाने, कीटपालन की आधुनिक तकनीक अपनाने तथा रोग प्रबंधन के प्रभावी उपायों की जानकारी दी जा रही है.
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान तसर उत्पादन और अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं. इससे उनकी आजीविका मजबूत होगी और परिवार का बेहतर भरण-पोषण करने में सहायता मिलेगी. प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने तसर उत्पादन से संबंधित विभिन्न तकनीकी जानकारी प्राप्त की और अपनी समस्याओं को विशेषज्ञों के समक्ष रखा.
मौके पर अग्र परियोजना केंद्र के लिपिक अभिराम चौधरी, घासी राम पान, कीटपालक पवन तिर्की, तरुण महतो, गणेश वास्के, घनश्याम सुरीन, संजय साहू, थिओफिल भुइयां समेत अन्य कर्मचारी मौजूद थे.
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