Shambhu Kumar
Chaibasa News: केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन कानून (एमएमडीआर) 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से शनिवार को चक्रधरपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना दिया गया. धरना में चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव समेत पार्टी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए.
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धरना सभा में विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है. राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य सरकार और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा जरूरी है. उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से प्राप्त राजस्व का लाभ राज्य के विकास और यहां की जनता को मिलना चाहिए. झामुमो राज्य के अधिकारों और वित्तीय हितों की रक्षा के लिए एमएमडीआर संशोधन का विरोध कर रहा है.
धरना के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एमएमडीआर संशोधन वापस लेने की मांग की. वक्ताओं ने कहा कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधन यहां की अर्थव्यवस्था तथा जनजीवन से सीधे जुड़े हैं. ऐसे में खनिज नीति बनाते समय राज्य के हितों और खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की चिंताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
धरना के दौरान झामुमो नेता प्रदीप महतो, समरेश सिंह और मदन बोदरा समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित करते हुए एमएमडीआर संशोधन का विरोध किया. इस मौके पर चंपाई बोयपाई, दिनेश जेना, प्रदीप महतो, शकील अंसारी, पीरु हेंब्रम, मोहम्मद हुसैन, राजेश गुप्ता, ज्योति सिजुई, मेलानी बोदरा, पिंकी जोंको समेत अन्य झामुमो नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे.
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