Shambhu Kumar
Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर की प्रियम गुप्ता ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाकर झारखंड का नाम रोशन किया है. गुजरात स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 2 से 4 अक्टूबर तक आयोजित दूसरे नेशनल चेंजमेकर्स मीट एंड अवॉर्ड्स 2026 में उन्हें सम्मानित किया गया. देशभर से चयनित 51 चेंजमेकर्स में शामिल प्रियम ने इस मंच पर झारखंड का प्रतिनिधित्व किया. उन्हें गुजरात सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडास्मा ने सम्मान प्रदान किया.
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चक्रधरपुर के थाना रोड निवासी प्रियम के पिता- विनोद गुप्ता और माता आशा गुप्ता हैं. वह डिजिटल माध्यमों से भारत के लोकगीतों, त्योहारों, भाषाओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों को सहेजने का काम कर रही हैं. उनके प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है.
दादी के लोकगीतों से मिली प्रेरणा
प्रियम संयुक्त परिवार में पली-बढ़ीं और बचपन से ही स्थानीय त्योहारों तथा सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से देखा. बाद में काम के सिलसिले में बेंगलुरु जाने के बाद उन्हें अपनी दादी के गाए लोकगीत और उनसे जुड़ी कहानियां याद आने लगीं. इसी अनुभव ने उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने और उन्हें सहेजने के लिए प्रेरित किया.
असम के दूरस्थ गांव गुंजुंग की यात्रा उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हुई. वहां उन्होंने कई सुंदर लोकगीत सुने, लेकिन यह देखकर चिंता हुई कि गीत गाने वाले लोग भी धीरे-धीरे उनके अर्थ और उनसे जुड़ी कहानियां भूल रहे थे. इसके बाद उन्होंने इन परंपराओं को डिजिटल कहानियों के माध्यम से दर्ज कर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास शुरू किया.
लोकगीतों के जरिए संस्कृति की कहानी
प्रियम का काम केवल लोकगीतों को रिकॉर्ड करने तक सीमित नहीं है. वह उनके पीछे छिपी कहानियों, स्थानीय जीवन और सामाजिक परिस्थितियों को भी सामने लाती हैं. उनकी कहानियों में पानी की कमी, महिलाओं के जीवन, खेती और विभिन्न समुदायों की परंपराओं जैसे विषय शामिल हैं. वह टांकरी लिपि और बंजारा समुदाय के दुर्लभ ढोलना आभूषण जैसी सांस्कृतिक धरोहरों को भी दर्ज कर रही हैं.
छठ पूजा को सौर ऊर्जा और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से जोड़कर बनाई गई उनकी एक कहानी को कई प्रमुख समाचार संस्थानों ने प्रकाशित किया. प्रियम प्रसिद्ध लोक-गायक मामे खान सहित कई कलाकारों के साथ काम कर चुकी हैं. वह झारखंड पर बनी एक फिल्म से भी जुड़ी रही हैं, जो बाद में नेटफ्लिक्स तक पहुंची. उनके काम को सोशल केचअप में भी जगह मिली है.
इंस्टाग्राम पर 1.33 करोड़ से अधिक व्यूज
सोशल मीडिया पर प्रियम के काम को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. उनके इंस्टाग्राम खाते guptajikildakdee पर अब तक 1,32,93,796 व्यूज दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि उनके 68 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं. उनके डिजिटल प्रयास देश के विभिन्न समुदायों की उन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं, जिनसे बहुत से लोग अनजान हैं.
छोटे शहर से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
सम्मान मिलने पर प्रियम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि देश के 51 चेंजमेकर्स के बीच शामिल होना और झारखंड का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए बेहद खास अनुभव है. उन्होंने कहा कि वह चक्रधरपुर जैसे छोटे शहर से आती हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की शुरुआत उसके सपनों की ऊंचाई तय नहीं करती. उनका उद्देश्य भारत के लोकगीतों, त्योहारों और सांस्कृतिक परंपराओं को डिजिटल माध्यमों से सहेजकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है.
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