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Chaibasa News: कोल्हान विवि में सेवानिवृत्त शिक्षकों का धरना, लंबित पेंशन और बकाया भुगतान की मांग

Chaibasa News: शिक्षकों ने मांग की कि प्रत्येक माह के पहले कार्यदिवस पर पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कुलाधिपति और सरकार के निर्देशों का पालन किया जाए. सेवानिवृत्ति के साथ ही पेंशन एरियर, ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट सहित सभी देय राशि का भुगतान किया जाए.
 
विवि परिसर में सेवानिवृत्त शिक्षकों का धरना

Shambhu Kumar 

Chaibasa News: कोल्हान विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक- शिक्षिकाओं ने लंबित पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान में हो रही देरी के विरोध में सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया. विश्वविद्यालय सेवानिवृत्त शिक्षक संगठन के बैनर तले आयोजित धरने में कई सेवानिवृत्त शिक्षक शामिल हुए. इस दौरान शिक्षकों ने कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की. 


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मौके पर रजिस्ट्रार डॉ. अमर कुमार, वित्त पदाधिकारी (एफओ) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. सेवानिवृत्त शिक्षकों ने पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और अन्य बकाया राशि का जल्द भुगतान करने के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की. 


संगठन के सदस्यों ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद अपने कार्यों के लिए शिक्षकों को बार-बार विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. अधिक उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या के समाधान के उद्देश्य से संगठन का गठन किया गया था. 


संगठन के अनुसार, पहली बैठक में लिए गए निर्णय के तहत कुछ शिक्षकों के आवेदन विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपे गए थे. उस समय समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. अप्रैल 2026 में कुलपति को स्मारपत्र सौंपा गया और सितंबर में दोबारा प्रतिवेदन दिया गया. इसके बावजूद लंबित मामलों का निपटारा नहीं हो सका. संगठन ने कुलपति से मुलाकात करने का भी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. 


शिक्षकों ने मांग की कि प्रत्येक माह के पहले कार्यदिवस पर पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कुलाधिपति और सरकार के निर्देशों का पालन किया जाए. सेवानिवृत्ति के साथ ही पेंशन एरियर, ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट सहित सभी देय राशि का भुगतान किया जाए. साथ ही, आवेदनों का निष्पादन राइट टू सर्विस के प्रावधानों के तहत हो तथा प्रत्येक शिक्षक को उसके बकाये की लिखित जानकारी उपलब्ध कराई जाए.


शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालय के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले बुजुर्ग शिक्षकों को सम्मान मिलना चाहिए. जीवन के इस पड़ाव पर अपने अधिकारों के लिए धरने पर बैठने को मजबूर होना विश्वविद्यालय के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है.

 
धरने में शेखर बिहार लाल, टी. पांडेय, लक्ष्मण चंद्र दास, पीके आचार्य, वीके मिश्रा, बीएन ओझा, एसके सिंह, एवॉय कुमार ओझा, एनएन तिवारी, शैलेन्द्र कुमार, डॉ. जयंत, सुबोध कुमार सिंह, डॉ. मुकुल, प्रो. एसके सिन्हा और डॉ. रागनग्नि सहित कई शिक्षक उपस्थित थे.

 

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