- -समर्थ प्रशिक्षुओं को मिले प्रमाण-पत्र
Shambhu Kumar
Chakradharpur: केंद्रीय रेशम बोर्ड के अंतर्गत केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीएसबी-सीटीआरटीआई), रांची की ओर से गुरुवार को बंदगाव प्रखंड के ओटार गांव में तसर रीलरों के लिए सर्वेक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य तसर रीलरों की सामाजिक, तकनीकी एवं आर्थिक स्थिति का आकलन कर उनके विकास के लिए आवश्यक योजनाओं और तकनीकी हस्तक्षेपों का आधार तैयार करना था.

कार्यक्रम के दौरान तसर रीलरों से उनकी आजीविका, उत्पादन, तकनीकी सुविधाओं, आय और सामाजिक स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की गई. संस्थान के वैज्ञानिक-बी आशु कुमार ने प्रतिभागियों को सर्वेक्षण के उद्देश्य और इसके महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि इस अध्ययन से तसर उद्योग से जुड़े परिवारों के विकास के लिए प्रभावी योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी.
इसे भी पढ़ें:
उन्होंने सीएसबी-सीटीआरटीआई और ग्राम रचना रेशम संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में संचालित 'समर्थ' प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए प्रतिभागियों से फीडबैक लिया. प्रशिक्षण से हुए लाभ, रोजगार के अवसर तथा स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई.कार्यक्रम में समर्थ प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए.
वरिष्ठ तकनीकी सहायक (एसटीए) प्रमोद दुबे ने तसर रीलिंग गतिविधियों को निरंतर जारी रखने पर जोर देते हुए कहा कि यह ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.संताल परगना ग्राम रचना संस्थान की ओर से संस्थान सदस्य मनोज सिंह, कार्यकर्ता सरोज महतो सहित अन्य सहयोगी उपस्थित रहे. कार्यक्रम में कुल 60 तसर रीलरों ने सक्रिय भागीदारी कर प्रशिक्षण और सर्वेक्षण कार्यक्रम को सफल बनाया.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment