- - 26 जुलाई को मशाल जुलूस और 27 को पश्चिम सिंहभूम जिला बंद का ऐलान
- - 72 घंटे की चेतावनी के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर बैठक में लिया गया निर्णय
Shambhu Kumar
Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिला के मझगांव प्रखंड के पांडुकी गांव में आदिवासियों के पवित्र पूजा स्थल देशाउली से जुड़े विवाद में अब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होने के बाद आदिवासी समाज ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है. गुरुवार को चाईबासा सदर प्रखंड के दुंबीसाई स्थित अर्जुना हॉल में कोल्हान आदिवासी युवा शक्ति के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं युवा संगठनों के प्रतिनिधियों की एक बैठक हुई.

बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, और आंदोलन की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पांडुकी प्रकरण में निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर जिला प्रशासन को पहले ही 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था. बावजूद इसके निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. जिससे आदिवासी समाज और युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है.
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वक्ताओं ने कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को व्यापक बनाया जाएगा. इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 26 जुलाई की शाम मशाल जुलूस निकाला जाएगा. इसके बावजूद भी यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है, तो 27 जुलाई को पश्चिम सिंहभूम जिला बंद का आह्वान किया जाएगा.
बैठक में आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में संचालित करने का निर्णय लिया गया. साथ ही जिले के सभी सामाजिक संगठनों, ग्राम सभाओं, युवाओं, छात्र-छात्राओं एवं आम नागरिकों से मशाल जुलूस और जिला बंद को सफल बनाने की अपील की गई.
बैठक में मुख्य रूप से संदीप सनी देवगम, वीरसिंह बालमुचू, संजय सरील देवगम, प्रकाश पूर्ति, भगवान सवैयां, ब्रजमोहन दिग्गी, माधव चंद्र कुंकल, सुभाष चंद्र सिंकू, रविंद्र अल्दा, अमन बिरुआ, देवेंद्र सुंडी, संजय लागुरी, गुंजन सुंडी, अजय सुंडी, राय नंदिनी जेराई, सिमरन देवगम, राजकमल पाट पिंगुआ, डोबरो करवा, यसबीर सवैयां, भीमसेन हेम्ब्रम व अन्य मौजूद थे.
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