Shambhu Kumar
Chakradharpur : पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने जनगणना-2027 की तैयारी शुरू कर दी है. जिले के बंदगांव प्रखंड के कराईकेला पंचायत भवन में सोमवार को प्रथम चरण में 'मकान सूचीकरण व गणना' के लिए तीन दिवसीय तकनीकी व व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ हुआ. इस दौरान बताया गया कि यह भारत के इतिहास की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी. प्रगणक घर-घर जाकर कागजी फॉर्म पर नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की ओर से तैयार विशेष मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संग्रह करेंगे.
डिजिटल प्रक्रिया से आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित होगी और गणना का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सकेगा. प्रशिक्षण कार्यक्रम चार्ज अधिकारी सदानंद होता की देखरेख में चल रहा है. ट्रेनर्स मनोहर ओड़ेया व प्रदीप महतो प्रगणकों और सुपरवाइजरों को मोबाइल एप संचालन, डिजिटल फॉर्म भरने और मकान सूचीकरण की तकनीकी बारीकियां सीखा रहे हैं. प्रगणकों को मकानों की नंबरिंग, उनके प्रकार और उपयोग की जानकारी दर्ज करने का अभ्यास भी कराया जा रहा है.
चार्ज अधिकारी सदानंद होता ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है. बल्कि इसी के आधार पर विधानसभा, लोकसभा के सदस्यों की संख्या व मुखिया और वार्ड सदस्यों की संख्या तय होती है. यह लोकतंत्र की बुनियाद है, इसलिए प्रत्येक डेटा का सटीक होना अनिवार्य है. पशिक्षण सत्र में प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से आए चार्ज पदाधिकारी, सुपरवाइजर व प्रगणक भाग ले रहे हैं. प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी प्रगणक फील्ड में जाकर मकान सूचीकरण का कार्य आरंभ करेंगे. डिजिटल जनगणना से प्राप्त डेटा भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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