Chaibasa : पूरनचंद फाउंडेशन की तरफ से समय-समय पर जनकल्याण के काम किए जाते हैं. इसी कड़ी में फाउंडेशन की टीम हॉर्टिकल्चर ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के खुदसिंगी और कुंतला गांव की आंगनबाड़ियों में बच्चों के लिए खास कार्यक्रम आयोजित किया.
इस कार्यक्रम का मकसद बच्चों को शिक्षा का महत्व, खेलकूद की उपयोगिता और झारखंड की संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना था. कार्यक्रम में बच्चों को सरल भाषा और रोचक तरीके से पढ़ाया गया. टीम ने वर्णमाला, संख्या, नैतिक शिक्षा और स्वच्छता जैसे विषय खेल-खेल में सिखाए. बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए क्वीज और ग्रुप एक्टिविटी भी कराई गई.
खेलकूद सत्र में पारंपरिक और शारीरिक विकास से जुड़े खेल भी कराए गए. इसके माध्यम से बच्चों को टीमवर्क, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली का महत्व समझाया गया. साथ ही उन्हें पौधों, पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के महत्व के बारे में बताया गया और प्रकृति से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया. झारखंड की संस्कृति पर भी विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. बच्चों को लोकगीत, लोकनृत्य और परंपराओं के बारे बताकर उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया.
पूरनचंद फाउंडेशन के सचिव अभिजीत कुमार ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, जिसमें शिक्षा, खेल, संस्कृति और पर्यावरण सभी शामिल हैं. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने फाउंडेशन की इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा जताई. कार्यक्रम में पूरनचंद फाउंडेशन टीम हॉर्टिकल्चर के सदस्य प्रज्ञेश, सुकांत, तुषार, प्रेम, अंकित, जोया, स्मृति एवं रेणु सक्रिय रूप से उपस्थित रहे.
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