: टाटा स्टील यूआईएसएल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
सेविका अनिता बिरुवा को बेदखल करने का प्रयास
बिरुआ पथ स्थित जमीन पर पिछले कई वर्षों से सेविका अनिता बिरुवा आंगनबाड़ी केंद्र चला रही है, लेकिन सिविल कोर्ट का कर्मचारी उसे बेदखल करने का प्रयास कर रहा था. लेकिन इसपर पानी फिर गया है. जमीन को अंचलाधिकारी सदर द्वारा मुकदमा सं० 948/R27/2020-21 दिनांक 23.01.2022 को नामांतरण रद्द हो चुका था. रद्द होने के बावजूद पुनः भूमि सुधार उप समाहर्ता द्वारा हेमंत पात्रो के नाम नामांतरण स्वीकृत किया गया. कोल्हान भूमि बचाओ समिति के अध्यक्ष विनोद सावैया ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि चाईबासा सिविल कोर्ट कर्मी बसंत बेंकुड़ा ने अपने प्रभाव में एलआरडीसी चाईबासा को लेकर नामांतरण स्वीकृत करवा लिया. यहां एलआरडीसी की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है. वहीं सारे मामले में रुपये के लेनदेन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-sadar-police-station-launched-awareness-campaign-regarding-traffic-rules/">चाईबासा: सदर थाना पुलिस ने यातायात नियमों को लेकर चलाया जागरूकता अभियान
असली रिश्तेदार की इंट्री होने से मामला हुआ पेचिदा
पूरे प्रकरण में मृतक दम्पत्ति मेहलाल तांती व मृतक जेमा देवी के असली रिश्तेदारों की इंट्री हो गयी. जो आज जमशेदपुर निवासी हेमंत पात्रो व सिविल कोर्ट कर्मी के अरमानों पर पानी फेर दिया. वहीं जाली दस्तावेजों से उत्तराधिकारी बनने पर उनके रिश्तेदार दोनों भाई बसंत बेंकुड़ा व हेमंत पात्रों पर कानूनी कार्रवाई करने पर अडिग हैं. आज आंगनबाड़ी सेविका अनिता बिरुवा के उक्त घर को अपना बताते हुए दावेदारी पेश करते हुए तत्काल घर खाली करने पर तुले थे. आज स्व मेहलाल तांती के छोटे भाई की पत्नी व 5 बच्चे अनुमंडल कोर्ट में उपस्थित होकर बसंत बेंकुड़ा व हेमंत पात्रो द्वारा उनकी बिना जानकारी के जमशेदपुर कोर्ट से जालसाज कर उत्तराधिकारी (गोद नामा) बना कर उनके अंशदारों के घर और जमीन पर नकली वारिश बनकर दावा करने का जमकर विरोध किया. स्व मेहलाल तांती की बहू ने कहा कि अगर ये जमीन आदिवासी भूमि नहीं है, तो स्व मेहलाल तांती व स्व जेमा देवी के असली वारिश हमलोग हैं. धोखे व जालसाजी से मेरे भैंसुर का घर कब्जा करने का प्रयास सिविल कोर्ट कर्मी बसंत बेंकुड़ा व हेमंत पात्रो पर जालसाजी व अचल संपत्ति हड़पने का केस किया जायेगा. इसे भी पढ़ें : हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-nine-years-old-enmity-erased-in-two-hours/">हजारीबाग: दो घंटे में मिट गई नौ साल की पुरानी रंजिश
उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग
कोल्हान भूमि बचाओ समिति के अध्यक्ष विनोद सावैया व सचिव भगवान देवगम ने मामले में भूमि उप समाहर्ता की नामांतरण में भूमिका की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की. कोल्हान में नामांतरण में रुपये लेकर गलत करने को बहुत गंभीर बताया. मामले को प्रवर्तन निदेशालय को सौंपने पर सहमति बनी. एसडीओ कोर्ट में स्व जेमा देवी के असली वारिश स्व मेहलाल तांती की बहू बसंती देवी, पुत्र मित्रभानु तांती, बिस्वामित्र तांती, प्रधान तांती इत्यादि मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-ragini-singh-demands-a-high-level-inquiry-into-the-accident-from-the-union-minister/">धनबाद:रागिनी सिंह ने केंद्रीय मंत्री से की दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग
मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा है
मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा है. मुझे न्याय जरूर मिलेगा. क्योंकि मैं सही हूं. मैंने अंतिम समय तक स्व जेमा देवी की सेवा की है. वो मेरी अभिभावक थी. 22 सालों का मां-बेटी ना सही इंसानियत का गहरा रिश्ता था. उनका आशीर्वाद ही है जो मुझे स्व जेमा देवी के असली वारिशों ने जालसाज कोर्ट कर्मी बसंत बेंकुड़ा व हेमंत पात्रो के कहर से बचाया है.
अनिता बिरुवा, आंगनबाड़ी सेविका
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