Chakradharpur (Shambhu Kumar): पश्चिमी सिंहभूम जिला के चक्रधरपुर की केरा गांव स्थित माता भगवती मंदिर के समीप ब्रह्माणी नदी के किनारे मां केरा की पूजा-अर्चना के साथ लोगों ने मंगलवार को श्रद्धालुओं की भक्ति देख अचंभित हो गए. यही हाल चक्रधरपुर शहर के राजबाड़ी रोड स्थित माता पाउड़ी के दरबार में देखने को मिला.

5 दिवसीय केरा व पाउड़ी माता की पूजा-अर्चना के अंतिम दिन कालिकाघट निकाल कर मां केरा व मां पाउड़ी को चढ़ाया गया. इसके बाद लगभग एक घंटे तक चली विशेष पूजा-अर्चना के पश्चात भक्तों ने कांटों पर लेटकर और जलते अंगारों पर चलकर अपनी भक्ति प्रदर्शित की. सोमवार रातभर चली छऊ नृत्य कार्यक्रम के पश्चात मंगलवार सुबह से भक्तों की भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ी.

मंगलवार को बड़ी संख्या में भक्तों ने मां पाउड़ी व केरा की पूजा-अर्चना की और मेले का लुत्फ उठाया. इसके लिए केरा व पाउड़ी मेला समिति ने व्यवस्थित तरीके से मेले की तैयारी की थी. केरा गांव स्थित माता भगवति मंदिर व पाउड़ी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर दोनों जगह अलग-अलग कालिका घट निकाली गयी. दोनों जगह पूरे रास्ते कालिका घट लेकर चल रहे भक्त की पूजा-अर्चना का दौर चल रहा था.
दोपहर में महिला-पुरूष भक्तों ने सर्वप्रथम कांटों पर लेटकर अपनी भक्ति जाहिर की. उसके ठीक बगल में 11 फूट लंबे गड्ढे में जलते अंगारों पर चलकर भक्तों ने मां पाउड़ी की आराधना की. भक्तों को कांटे पर लेटते व अंगारों पर चलते हुये देख हजारों लोग अचंभित हो गए.
मेले के समापन के अवसर पर केरा व पाउड़ी मंदिर में चक्रधरपुर के अलावा सोनुवा, गोइलकेरा, मनोहरपुर, राजखरसांवा, सरायकेला, रांची, चाईबासा, महालीमुरूम, सीनी के साथ-साथ ओड़िसा के भक्त मां पाउड़ी की पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे.
मां केरा के दर पर पहुंची जोबा माझी
सांसद जोबा माझी मंगलवार को प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां भगवती केरा मंदिर पहुंचीं. यहां उन्होंने मां भगवती के दरबार में हाजिरी लगाई और क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की. सांसद के मंदिर पहुंचने पर केरा मंदिर प्रबंधन समिति और केरा मेला संचालन समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
समिति की ओर से उन्हें मां भगवती की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया. मंदिर का मुख्य द्वार बंद होने के कारण सांसद पूजा अर्चना में शामिल नहीं हो सकी. हालांकि घट के दर्शन की और पुरोहितों से आशीर्वाद लिया. तत्पश्चात उन्होंने मंदिर प्रबंधन और मेला संचालन समिति के सदस्यों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक केरा मेले के सफल आयोजन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर चर्चा की.
मंदिर परिसर में उपस्थित स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने भी सांसद से मुलाकात की और अपनी बातें साझा कीं. इस दौरान सांसद ने कहा मां भगवती का आशीर्वाद सदैव हम सब पर बनी रहे. केरा मंदिर न केवल हमारी आस्था का केंद्र है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

