Shambhu Kumar
Chakradharpur : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड की सुदूरवर्ती क्षेत्र चम्पाबा पंचायत स्थित जराकेल गांव में पक्की सड़क नहीं रहने से स्थानीय ग्रामीणों में रोष व्याप्त है.गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर शनिवार को चम्पाबा गांव में पांच गांवों के ग्रामीणों की बैठक ग्राम मुंडा पौलुस बोदरा की अध्यक्षता में आयोजित हुई.
बैठक में मुखिया कानू तैसुन, पंचायत समिति सदस्य फूलमनी मुंडरी और समाजसेवी संजय कांडीर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कुंदरूगुटु कॉलोनी से कोटागाड़ा तक लगभग 15 किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग दोहराते हुए कहा कि झारखंड गठन के 26 वर्ष बाद भी क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. सड़क की खराब स्थिति के कारण बीमारों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों को स्कूल भेजने तथा रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशानी होती है.
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क नहीं होने से अधिकारी भी गांव तक नहीं पहुंचते, जिससे विकास कार्य प्रभावित हैं.बैठक में पेयजल, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और आंगनबाड़ी भवन की समस्याएं भी उठाई गईं.ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पानी की कमी है, बिजली व्यवस्था ठप है और नेटवर्क की समस्या के कारण संचार व्यवस्था बाधित रहती है.
आंगनबाड़ी भवन जर्जर होने से केंद्र झोपड़ी में संचालित किया जा रहा है.मुखिया कानू तैसुन ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए आवश्यकता पड़ने पर सड़क जाम और घेराव जैसे आंदोलन किए जाएंगे. पंचायत समिति सदस्य फूलमनी मुंडरी ने भी ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए संघर्ष का समर्थन किया.
समाजसेवी संजय कांडीर ने कहा कि सड़क क्षेत्र के विकास की कुंजी है और सरकार को शीघ्र समाधान करना चाहिए.ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सड़क, बिजली, पानी, नेटवर्क और आंगनबाड़ी भवन की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करेंगे तथा आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा.जिसकी जवाबदेही प्रशासनिक अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों की होगी. इस पंचायत समिति सदस्य फूलमनी मुंडरी, समाजसेवी संजय कांडीर सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष ग्रामीण मौजूद थे.
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