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चक्रधरपुरः किली सामाड वार्षिक 'जोमसुईम' में पहुंचे चार जिलों के लोग

मुख्य अतिथि भूपेश सामाड ने समाज के संवैधानिक अधिकारों और पहचान को बनाए रखने पर बल दिया. प्रखंड बीस सूत्री सदस्य विजय सिंह सामाड ने कहा कि हम कहीं भी रहें, जब सामाड हगेया की एकता और सहयोग की बात आए, तो हमेशा तत्पर रहना चाहिए.
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Chakradharpur : चक्रधरपुर प्रखंड के डुकरी गांव स्थित कुकड़ा उड़ा मैदान में सोमवार को द्वितीय किली सामाड वार्षिक जोमसुईम का भव्य आयोजन हुआ. कार्यक्रम में पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां व खूंटी जिले के हजारों सामाड हगेया (स्वजातीय बंधु) शामिल हुए. पूरा मैदान एकता के रंग में रंगा नजर आया. कार्यक्रम का शुभारंभ दियुरी द्वारा पूजा-अर्चना के साथ किया गया. विभिन्न गांवों से आए हगेया बंधुओं को मंच पर आमंत्रित कर परिचय कराया गया, ताकि आपसी भाईचारे की नींव और मजबूत हो सके.


मुख्य अतिथि भूपेश सामाड ने समाज के संवैधानिक अधिकारों और पहचान को बनाए रखने पर बल दिया. प्रखंड बीस सूत्री सदस्य विजय सिंह सामाड ने कहा कि हम कहीं भी रहें, जब सामाड हगेया की एकता और सहयोग की बात आए, तो हमेशा तत्पर रहना चाहिए. मंच संचालन मुचिया सामाड ने किया. पूर्व विधायक शशिभूषण सामाड, मानकी कृष्ण सामाड, शिक्षक मनोहर सामाड, दियुरी सुरेन्द्र सामाड ने समाज की पारंपरिक दस्तूर व सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया.


कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष श्रीराम सामाड, सचिव बांगुर सामाड, कोषाध्यक्ष अभय पार्थिक सामाड की अहम भूमिका रही. मौके पर पूर्व मुखिया सुशीला सामाड, प्रेम लाल सामाड, बोन्द्रो सामाड, सुशील सामाड, रामचंद्र सामाड, राजेन्द्र सामाड, टाटा राम सामाड, लागुराम सामाड, मुचिया सामाड, दयाशंकर सामाड, गोपाल सामाड, घनश्याम सामाड, भोला सामाड, संतोष सामाड, जयपाल सामाड, शेखर सामाड समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.


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