Ranchi: क्रशर व्यवसायियों की समस्याओं को लेकर रविवार को झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से मुलाकात की. इस दौरान उच्च न्यायालय में लंबित पीआईएल (आनंद कुमार बनाम झारखंड सरकार) के संदर्भ में खनन पट्टों एवं क्रशर इकाइयों के लिए निर्धारित दूरी (400 मीटर एवं 500 मीटर) के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई.
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया कि इस दूरी निर्धारण के कारण राज्य की अधिकांश क्रशर इकाइयों के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. इससे न केवल उद्योग प्रभावित हो रहा है, बल्कि इससे जुड़े हजारों मजदूरों के समक्ष आजीविका का संकट भी उत्पन्न हो गया है. साथ ही राज्य सरकार को संभावित राजस्व हानि और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर भी नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई गई.
चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने इस मुद्दे के शीघ्र समाधान के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो उद्योग और रोजगार दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक रुख अपनाया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया.
इस प्रतिनिधिमंडल में चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव रोहित पोद्दार, उप समिति चेयरमैन नितेश शारदा, डॉ. अनल सिन्हा, क्रशर व्यवसायी मोइज अख्तर, गौरव अहूजा, राम रतन महर्षि और संदीप कुमार शामिल थे.
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