Ranchi: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार से मुलाकात कर अनाधिकृत भवनों के नियमितीकरण से संबंधित अधिसूचना पर विस्तार से चर्चा की. बैठक में स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी (SUDA) के निदेशक सूरज कुमार भी मौजूद रहे.
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने योजना को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के बेहतर क्रियान्वयन, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने, रोड वाइडनिंग, बेसमेंट एवं लोअर ग्राउंड फ्लोर से जुड़े प्रावधान, लेबर सेस, प्लॉट एरिया, एफएआर सीमा तथा शुल्क संरचना जैसे विषय शामिल रहे.
प्रधान सचिव सुनील कुमार और निदेशक सूरज कुमार ने सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए सुझावों को उपयोगी बताया और आवश्यक स्पष्टीकरण जारी करने का आश्वासन दिया. विभाग की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार की यह पहल भवन स्वामियों और नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से लाई गई है.
विभाग ने चैंबर से व्यापारिक संगठनों, भवन स्वामियों और आम नागरिकों के बीच जागरूकता अभियान चलाने का भी आग्रह किया, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग योजना के तहत आवेदन कर अपने अनाधिकृत निर्माणों का नियमितीकरण करा सकें.
चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि विभागीय स्पष्टीकरण जारी होने के बाद योजना के क्रियान्वयन में और स्पष्टता आएगी तथा बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिलेगा. महासचिव रोहित अग्रवाल ने बताया कि चैंबर इस योजना को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए सक्रिय अभियान चलाएगा.
उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने सुझावों को अधिसूचना में शामिल करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रक्रिया को सरल और आवेदनों के त्वरित निपटारे की व्यवस्था होनी चाहिए. वहीं, आर्किटेक्ट एसोसिएशन के चेयरमैन अतुल सर्राफ ने ग्रामीण क्षेत्रों के बड़े भूखंडों पर बने आवासों के मामलों में प्लिंथ एरिया को आधार बनाकर स्वीकृति देने का सुझाव रखा. बैठक में चैंबर एवं आर्किटेक्ट एसोसिएशन के कई पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे.
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