Ranchi : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई) की कंज्यूमर ड्युरेबल्स एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उप समिति की बैठक मंगलवार को आयोजित हुई. बैठक में कंपनियों द्वारा पुराने डिस्ट्रीब्यूटर का बकाया भुगतान और सेटलमेंट किए बिना नए डिस्ट्रीब्यूटर नियुक्त किए जाने पर गहरी चिंता जताई गई.
चैंबर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से पुराने डिस्ट्रीब्यूटरों की पूंजी फंस जाती है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि जब तक किसी डिस्ट्रीब्यूटर का पूरा सेटलमेंट नहीं हो जाता, तब तक ऐसी कंपनियों के साथ व्यापार नहीं किया जाना चाहिए. जरूरत पड़ने पर संबंधित कंपनियों की डीलरशिप का सामूहिक रूप से विरोध करने की भी बात कही गई.
बैठक में ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव से स्थानीय रिटेल व्यापारियों के सामने आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई. उप समिति के चेयरमैन श्रीकृष्ण अग्रवाल ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के कारण स्थानीय दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है. उन्होंने व्यापारियों से सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रतिष्ठानों का प्रचार-प्रसार करने और ग्राहकों को बेहतर सेवा और भरोसा देकर स्थानीय बाजार को मजबूत बनाने की अपील की.

बैठक करते हुए
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कोई खुदरा व्यापारी रांची के डिस्ट्रीब्यूटरों का भुगतान रोककर अन्य बाजारों से व्यापार करता है, तो ऐसे मामलों की सूची राज्यभर के डिस्ट्रीब्यूटरों के साथ साझा की जाएगी, ताकि व्यापारिक अनुशासन बनाए रखा जा सके.
श्रीकृष्ण अग्रवाल ने कहा कि कंपनियों को व्यापारिक नैतिकता का पालन करते हुए पुराने डिस्ट्रीब्यूटर का पूरा सेटलमेंट करने के बाद ही नए डिस्ट्रीब्यूटर की नियुक्ति करनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनियां ऐसा नहीं करती हैं तो व्यापारी समाज अपने हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवश्यक कदम उठाएगा.
बैठक में चैंबर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, उप समिति के चेयरमैन श्रीकृष्ण अग्रवाल, सदस्य रमेश अग्रवाल, मनोज गुप्ता और प्रकाश कमालिया उपस्थित रहे.
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