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यहां बिन गुरु के मिलता है ज्ञान
युवा अपनी भाषा-संस्कृति के साथ आगे बढ़े, तरक्की करे इसे लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. लेकिन वो पूरी तरह से कारगर नहीं हो पाती है. युवाओं को अपनी मातृभाषा में पढ़ाई करने के लिए भी सरकार योजना चला रही हैं, लेकिन इसके उद्देश्य की पूर्ति तभी होगी जब उनकी शिक्षा के लिए बेहतर आधारभूत संरचना तैयार की जाए. सिंहभूम कॉलेज चांडिल में इसकी भारी कमी देखी जा रही है. हम बात कर रहे हैं सिंहभूम कॉलेज चांडिल में संताली विभाग की. कॉलेज में संताली भाषा का शिक्षक ही नहीं है. हद तो यह है कि संताली के शिक्षक नहीं रहने के बावजूद कॉलेज में करीब दो सौ विद्यार्थी नामांकित हैं. शिक्षक के बिना पढ़ाए ही विद्यार्थी इंटरनल परीक्षा के साथ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा लिखते हैं और पास भी होते हैं. इसे भी पढ़ें :नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-meeting-held-for-the-preparation-of-rath-yatra/">नोवामुंडी: रथयात्रा की तैयारी को लेकर बैठक आयोजित
करीब चार हजार विद्यार्थियों पर एक शिक्षक
कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सिंहभूम कॉलेज चांडिल में कॉमर्स, हिंदी और राजनीति विज्ञान में पीजी करने की भी व्यवस्था है. कॉलेज में राजनीति विज्ञान विषय में यूजी, पीजी व सब्सिडरी कोर्स को मिला कर करीब चार हजार विद्यार्थी हैं. लेकिन दुर्भाग्य है कि कॉलेज में इस विषय के एक ही शिक्षक पदस्थापित हैं. पीजी की पढ़ाई शुरू करने के दौरान कॉलेज को अतिरिक्त शिक्षक नहीं दिया गया. एकमात्र शिक्षक के सहारे चार हजार विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ विभागीय कार्य संपादित करना मुश्किल है. इससे कॉलेज में पठन-पाठन पर प्रतिकुल असर पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें :पहले">https://lagatar.in/five-dsps-who-failed-in-the-first-training-passed-the-re-examination/">पहलेप्रशिक्षण में फेल पांच डीएसपी दोबारा हुई परीक्षा में हुए पास
क्या कहते हैं कॉलेज के प्राचार्य
[caption id="attachment_646898" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="234" /> प्राचार्य डॉ. सरोज कुमार कैवर्त.[/caption] शिक्षकों की कमी के मामले में सिंहभूम कॉलेज चांडिल के प्राचार्य डॉ. सरोज कुमार कैवर्त कहते हैं कि कॉलेज में शिक्षकों की कमी के कारण पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. इसके लिए विश्वविद्यालय से पत्राचार किया गया है. साथ ही प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज में क्लास रूम की भी कमी है. सिर्फ चार क्लास रूम के सहारे यह कॉलेज चल रहा है. इसे भी पढ़ें :चिराग">https://lagatar.in/chirag-paswan-blamed-nitish-kumar-for-the-ban-on-caste-census/">चिराग
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