Ranchi News: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 से देश में खनन से जुड़े नियम और टैक्स व्यवस्था ज्यादा साफ और एक जैसी होगी. उन्होंने कहा कि इससे खनन क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को नीतियों को लेकर ज्यादा स्पष्टता मिलेगी.
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि कानून का मकसद खनन क्षेत्र में टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है. उनके अनुसार, इससे छोटे, मंझले और बड़े कारोबारियों को काम करने में आसानी होगी.
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उन्होंने कहा कि लीज की नीलामी के बाद अलग-अलग तरह के अतिरिक्त टैक्स और सेस लगाने की स्थिति से कारोबारियों में असमंजस पैदा होता है. नए कानून से ऐसी स्थिति में कमी आएगी और लालफीताशाही पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है. यहां खनिज आधारित उद्योग बढ़ने से नए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. इससे राज्य के युवाओं को अपने ही राज्य में काम मिलने की संभावना बढ़ेगी और रोजगार के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होगी.
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि कई दूसरे खनिज उत्पादक राज्यों ने भी नए कानून का विरोध नहीं किया है. उन्होंने झारखंड सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में खनिज ब्लॉकों की नीलामी समय पर नहीं हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है और अवैध खनन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है.
झारखंड के 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य की ओर से बताई जा रही यह राशि अलग-अलग अतिरिक्त सेस और टैक्स से जुड़े दावों पर आधारित है. इस राशि को लेकर केंद्र और झारखंड सरकार के बीच लंबे समय से विवाद है. झारखंड सरकार इस रकम को अपना बकाया बताती रही है. अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य खनिज संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देना है.
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