Chatra : झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने चतरा जिले में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा की खराब स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है. संगठन का आरोप है कि जिले में चल रही अधिकांश एम्बुलेंस या तो पूरी तरह खराब हैं या सीमित दूरी तक ही चल पा रही हैं.
संघ के अनुसार जिले में कुल 17 एम्बुलेंस संचालित हैं. इनमें इटखोरी, सिमरिया, गिद्धौर, प्रतापपुर और लावालौंग की एम्बुलेंस पूरी तरह खराब हो चुकी हैं. वहीं कई अन्य एम्बुलेंस ऐसी स्थिति में हैं कि वे केवल 20 से 30 किलोमीटर तक ही चल पा रही हैं.
संगठन ने बताया कि कुछ एम्बुलेंस केवल लोकल स्तर पर ही संचालित हो रही हैं. समय पर मरम्मत और मेंटेनेंस नहीं होने के कारण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रही है. इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ रहा है.
संघ का कहना है कि कर्मचारियों ने लगातार जिला प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. संगठन ने सवाल उठाया कि आखिर कब तक कंपनी और प्रशासन की उदासीनता के कारण 108 एम्बुलेंस सेवा बदहाल बनी रहेगी.
संघ ने स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है. संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहे हैं.एम्बुलेंस कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है. साथ ही न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और अन्य श्रमिक अधिकारों से भी वंचित रखा जा रहा है.
संघ ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से सभी खराब एम्बुलेंस को जल्द दुरुस्त कराने, लंबित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने और सेवा संचालन संस्था के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment