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Chatra News : खैनी के विवाद में एसपी आवास के सामने हुई गार्ड की हत्या, बॉडीगार्ड ने मारी गोली: डीएसपी

चतरा एसपी अनिमेष नैथानी के आवास के मुख्य गेट के सामने प्राइवेट गार्ड की दिनदहाड़े हत्या मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. घटना को अंजाम देने वाला निजी बॉडीगार्ड न सिर्फ मानसिक विक्षिप्त है, बल्कि उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है.
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घटना के बाद एसपी आवास के पास तैनात पुलिस अधिकारी.
  • आरोपी गिरफ्तार, ठेकेदार समेत सरकारी बॉडीगार्ड व चालक से पूछताछ कर रही पुलिस
  • बिहार की विधायक का सरकारी बॉडीगार्ड लेकर झारखंड में हनक दिखा रहा था ठेकेदार बेटा

Chatra : चतरा एसपी अनिमेष नैथानी के आवास के मुख्य गेट के सामने प्राइवेट गार्ड की दिनदहाड़े हत्या मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. घटना को अंजाम देने वाला निजी बॉडीगार्ड न सिर्फ मानसिक विक्षिप्त है, बल्कि उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है. डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि आरोपी बलबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है.

 


उन्होंने बताया कि गाड़ी में मौजूद बिहार पुलिस के एक जवान सत्येंद्र कुमार को भी हिरासत में लिया गया है. वहीं, चतरा मे बाइपास रोड का निर्माण करा रहे बिहार के गयाजी निवासी ठेकेदार विनित यादव उर्फ रॉकी और उसके चालक प्रसाद यादव को भी हिरासत में रखा गया है. पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है.


डीएसपी ने बताया कि आरोपी बलबीर सिंह ने बताया कि अतुल बार-बार उससे खैनी मांग रहा था. जिसके बाद गुस्से में आकर उसने उस पर अपने लाइसेंसी हथियार से फायर कर दिया. डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बलबीर सिंह मेंटल भी है. उसका इलाज रांची के रिनपास से चल रहा है. उसकी जेब से रिनपास का पुर्जा भी मिला है. उस पर बिहार के नबीनगर में एक व्यक्ति पर गोली चलाने समेत अन्य मामले दर्ज हैं. वह तीन वर्ष तक जेल मे भी रहा है. 

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जांच में सामने आया है कि आरोपी बलवीर सिंह (मूल निवासी: रायपुर, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश) पूर्व में CISF का जवान था. 12 जनवरी 2017 को बिहार के औरंगाबाद स्थित नबीनगर पावर प्लांट में तैनाती के दौरान उसने अपनी सर्विस राइफल (5.56 mm INSAS) से अंधाधुंध फायरिंग कर अपने ही 4 सहयोगियों हेड कांस्टेबल बच्चा शर्मा, अमरनाथ मिश्रा, अरविंद कुमार और एएसआई जी. एस. राम की निर्मम हत्या कर दी थी. उस समय विभागीय तानों से क्षुब्ध होकर इस आत्मघाती कदम को अंजाम देने की बात बलबीर नें स्वीकारी थी. घटना के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. करीब साढ़े तीन वर्षो तक जेल मे रहने के बाद वह बेल पर बाहर निकला था. जेल से निकलने के बाद बलबीर नें प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी ज्वाइन कर ली थी.


उठते सवाल

 
...विधायक के सरकारी बॉडीगार्ड  को लेकर घूम रहा था बेटा

...बेलागंज की जदयू विधायक मनोरमा देवी ने क्यों बेटे के साथ चतरा भेजा था अपना हथियारबंद बॉडीगार्ड

...बेलागंज विधायक मनोरमा देवी के गिरेबान तक पहुंच सकती है मर्डर केस के जांच की आंच

...ठेकेदार बेटे के भौकाल में झारखंड पुलिस के हत्थे चढ़ा बिहार पुलिस का जवान

...बिहार की प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी ने नहीं किया था आरोपी का चरित्र सत्यापन

...आरोपी ठेकेदार रॉकी यादव भी पूर्व में जा चुका है जेल, आपराधिक मामलों मे रही है संलिप्तता

...हथियार से लैस मेंटल बॉडीगार्ड को क्यों लेकर घूम रहा था रॉकी

...घटना मे प्रयुक्त हथियार का लाइसेंस है या नहीं

...आपराधिक मामलों के आरोपी बलबीर को किस एजेंसी नें कर रखा था बहाल

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